
भारत में शादियों के दौरान निभाई जाने वाली 5 अजीबोगरीब रस्में
क्या है खबर?
शादी न सिर्फ दो लोगों के प्यार के बंधन में बंधने का प्रतीक है, बल्कि यह एक उत्सव की तरह है जिसमें परिवार, दोस्त और रिश्तेदार शामिल होते हैं।
भारतीय शादियों के दौरान कई तरह के रीति-रिवाज और परंपराएं निभाई जाती हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं। हालांकि, कुछ रस्में आपको बहुत अजीब लग सकती हैं।
आइए आज भारत की शादियों के दौरान निभाई जाने वाली पांच अजीबोगरीब और दिलचस्प रस्मों के बारे में जानते हैं।
#1
उत्तर प्रदेश में शादी के दौरान मनाया जाता है टमाटर का त्योहार
आपको हर साल स्पेन में मनाया जाने वाला टोमाटीना उत्सव के बारे में तो पता ही होगा। उसमें टमाटर के जरिए होली खेली जाती है।
ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश के शहर सरसौल में शादी के दौरान टमाटर का त्योहार मनाया जाता है। इसमें दूल्हे के परिवार का स्वागत लड़की वाले गुलाब की पंखुड़ियों की बजाय टमाटर फेंककर करते हैं।
मान्यताओं के अनुसार, अगर शादी अजीब तरीके से होती है तो नवविवाहित जोड़े का रिश्ता गहरा, आनंदमय और प्रेमपूर्ण होगा।
#2
मणिपुर में नगा थाबा अनुष्ठान
एक पारंपरिक मणिपुरी शादी में नगा थबा नामक एक अजीब और शुभ अनुष्ठान का पालन किया जाता है। इसमें दूल्हे पक्ष की दो महिलाएं और दुल्हन पक्ष की एक महिला दो स्वस्थ मछलियों को एक तालाब में छोड़ती हैं।
आमतौर पर मछली नगामू या चन्ना की एक छोटी किस्म होती है।
ऐसा माना जाता है कि अगर मछलियां एक साथ चलती हैं तो शादी सुखद रहती है।
#3
सिंधी शादियों में दूल्हे के कपड़े फाड़ने की रस्म
सिंधी शादियों में सांत नामक एक अजीब परंपरा का पालन किया जाता है, जिसमें दूल्हे का परिवार उसके सिर पर तेल डालता है और उसके दाएं पैर में जूता पहनाता है। इससे उसे मिट्टी के बर्तन को तोड़ने होते हैं।
इसके बाद उसके कपड़े फाड़े जाते हैं, जो इस बात का प्रतीक माना जाता है कि वह विवाहित जीवन को अपनाने के लिए अपने एकल जीवन को पीछे छोड़ रहा है।
#4
बंगाली शादी में दुल्हन और दूल्हे की मां का शामिल न होना
एक पारंपरिक बंगाली शादी में दूल्हा और दुल्हन की मां को शामिल होने की अनुमति नहीं होती है।
मान्यताओं के अनुसार, मां का अपने बच्चे के प्रति भावनात्मक लगाव अशुभ होता है और अगर वह शादी होते हुए देखती है तो यह जोड़े के लिए दुर्भाग्य ला सकता है।
अन्य प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शादी को मां की नजर लग सकती है, जो शादी में खलल पैदा कर सकती है।
#5
गुजराती शादियों में दूल्हे को दूध और शहद पिलाना
एक पारंपरिक गुजराती शादी में मधुपर्क नामक एक अजीब परंपरा का पालन किया जाता है, जहां दुल्हन के पिता या मां दूल्हे के पैरों को धोकर शादी के मंडप में उसका स्वागत करते हैं।
इसके बाद दूल्हे को दूध और शहद पिलाया जाता है। जब यह रस्म निभाई जाती है तो दुल्हन की बहनें उसके जूते चुरा लेती हैं। इस रस्म को जूता चुराई के नाम से जाना जाता है।