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प्रोबायोटिक से जुड़े ये भ्रम लोगों के मन में पैदा करते हैं शंका, जानें सच्चाई
प्रोबायोटिक से जुड़े भ्रम

प्रोबायोटिक से जुड़े ये भ्रम लोगों के मन में पैदा करते हैं शंका, जानें सच्चाई

लेखन अंजली
Mar 06, 2026
08:27 pm

क्या है खबर?

पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में प्रोबायोटिक्स की अहम भूमिका है। यह एक प्रकार के जीवाणु होते हैं, जो आंत के अच्छे जीवाणुओं को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, प्रोबायोटिक्स को लेकर कई गलतफहमियां हैं, जिन्हें सही जानकारी के अभाव में सच मान लिया जाता है। आइए आज हम आपको प्रोबायोटिक्स से जुड़े ऐसे ही पांच भ्रम और उनकी सच्चाई बताते हैं ताकि आप इसका सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें।

#1

भ्रम- प्रोबायोटिक्स केवल दही में होते हैं

यह सबसे आम गलतफहमी है कि प्रोबायोटिक्स केवल दही में होते हैं। सच तो यह है कि प्रोबायोटिक्स दूध, दही, पनीर, मक्खन, आइसक्रीम, सोया उत्पादों, केफिर और अन्य कई खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। इसके अलावा प्रोबायोटिक्स की गोलियों और कैप्सूल के रूप में भी उपलब्ध हैं। इसलिए अगर आप इस बात से परेशान हैं कि प्रोबायोटिक्स केवल दही में ही होते हैं तो यह सिर्फ आपका भ्रम है।

#2

भ्रम- प्रोबायोटिक्स सिर्फ बच्चों के लिए जरूरी होते हैं

अगर आप इस बात को सच मानते हैं कि प्रोबायोटिक्स सिर्फ बच्चों के लिए जरूरी होते हैं तो यह आपका सबसे बड़ा भ्रम हो सकता है। सच्चाई यह है कि प्रोबायोटिक्स किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए फायदेमंद होते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को प्रोबायोटिक्स की जरूरत होती है। यह आंत के अच्छे जीवाणुओं को बढ़ाकर पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

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#3

भ्रम- प्रोबायोटिक्स सेहत के लिए हानिकारक होते हैं

बहुत से लोगों का मानना होता है कि प्रोबायोटिक्स स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम है। सही मात्रा में प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से सेहत को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह कई लाभ भी दे सकते हैं। हालांकि, अगर आप पहली बार प्रोबायोटिक्स का सेवन करने जा रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें ताकि आपको सही जानकारी मिल सके और आप इसे सही तरीके से अपना सकें।

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#4

भ्रम- प्रोबायोटिक्स हमेशा असरदार होते हैं

यह भी एक भ्रम है कि प्रोबायोटिक्स हमेशा असरदार होते हैं। सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति की शारीरिक संरचना अलग होती है और प्रोबायोटिक्स का असर भी व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। इसलिए जरूरी नहीं कि हर बार आपको वही परिणाम मिले, जो आप चाहते हैं। इसके अलावा प्रोबायोटिक्स की गुणवत्ता और मात्रा भी महत्वपूर्ण होती है, जो असर को प्रभावित कर सकती हैं।

#5

भ्रम- प्रोबायोटिक्स से वजन बढ़ता है

प्रोबायोटिक्स को लेकर एक भ्रम यह भी है कि इसका सेवन करने से वजन बढ़ता है, जबकि इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता है, लेकिन यह पाचन क्रिया में सुधार ला सकता है। इसके अलावा प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से पेट में गैस, जलन और कब्ज जैसी कई समस्याओं से राहत मिल सकती है। हालांकि, वजन बढ़ने का मुख्य कारण खान-पान और शारीरिक सक्रियता हो सकता है।

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