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डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में सहायक हैं ये 5 आदतें, आज से बनाएं हिस्सा
डिमेंशिया के जोखिम कम करने वाली आदतें

डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में सहायक हैं ये 5 आदतें, आज से बनाएं हिस्सा

लेखन अंजली
Jun 04, 2026
11:50 am

क्या है खबर?

डिमेंशिया एक मानसिक रोग है, जिससे याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। यह रोग बुजुर्गों में आम होता जा रहा है। हालांकि, कुछ आदतें इस रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं। इस लेख में हम आपको 5 ऐसी आदतें बताएंगे, जो डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती हैं।

#1

रोजाना कसरत करें

रोजाना कसरत करना डिमेंशिया के जोखिम को कम करने का एक असरदार तरीका है। हर दिन 30 मिनट तक हल्की कसरत जैसे टहलना, दौड़ना या योग करना आपके दिमाग को सक्रिय रखता है और याददाश्त को बढ़ाता है। इसके अलावा कसरत से खून का दौरा बेहतर होता है, जो दिमाग के लिए जरूरी है। नियमित कसरत से तनाव भी कम होता है, जिससे मानसिक सेहत बेहतर रहती है।

#2

संतुलित खाना खाएं

संतुलित खाना डिमेंशिया के खतरे को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अपने खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। अखरोट और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ दिमाग के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा ज्यादा तेल-मसाले वाले और जंक फूड से बचें क्योंकि ये शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं, जो डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकता है।

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#3

दिमागी खेल खेलें

गणित, पहेलियां या शब्दों के खेल जैसे दिमागी खेल खेलना दिमाग को सक्रिय रखता है और उसकी क्षमता को सुधारता है। इन खेलों से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है और याददाश्त मजबूत होती है। हर दिन 15-20 मिनट का समय निकालकर इन खेलों को खेलने से दिमाग की क्षमता बढ़ती है और डिमेंशिया के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। दिमागी खेल खेलने से मानसिक सेहत भी बेहतर रहती है।

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#4

दोस्तों से मिलते रहें

दोस्तों और परिवार वालों के साथ मिलना-जुलना भी डिमेंशिया के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है। उनके साथ समय बिताएं, बातचीत करें और बाहरी गतिविधियों में हिस्सा लें। इससे अकेलापन दूर होता है और मानसिक सेहत बेहतर रहती है। दोस्तों से मिलने से तनाव कम होता है, जिससे दिमाग स्वस्थ रहता है। नियमित रूप से किसी समूह का हिस्सा बनें ताकि आप सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहें।

#5

अच्छी नींद लें

अच्छी नींद लेना भी डिमेंशिया के खतरे को कम करने का एक अहम तरीका हो सकता है। हर दिन 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है ताकि शरीर पूरी तरह से आराम कर सके और दिमाग अपनी ऊर्जा फिर से पा सके। अच्छी नींद से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है और याददाश्त मजबूत होती है। इन आदतों को अपनाकर आप न केवल डिमेंशिया बल्कि अन्य मानसिक रोगों से भी सुरक्षित रह सकते हैं।

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