गंदे बर्तनों को रातभर सिंक में रखते हैं? जानिए आपको ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए
क्या है खबर?
रात के खाने के बाद ढेरों गंदे बर्तन जमा हो जाते हैं। ज्यादातर लोग उन्हें सिंक में रख देते हैं और सुबह साफ करते हैं, क्योंकि रात में थकान महसूस होती है। हालांकि, ऐसा करना स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से सही नहीं है। रातभर सिंक में पड़े रहने से गंदे बर्तनों में बैक्टीरिया घर कर जाते हैं और बीमारियों का खतरा रहता है। आज के किचन टिप्स में जानिए आपको रातभर सिंक में गंदे बर्तन क्यों नहीं रखने चाहिए।
#1
पनपते हैं बैक्टीरिया
जब आप रातभर सिंक में गंदे बर्तन छोड़ देंगे तो वे बैक्टीरिया के लिए प्रजनन स्थन बन जाएंगे। गंदे और नम बर्तन पर बैक्टीरिया आसानी से पैदा होते हैं और रातभर में दोगुने होते जाते हैं। इनमें साल्मोनेला, E कोली और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं। खास तौर से अगर बर्तनों पर बचा हुआ खाना लगा हो तो इसकी और संभावना होती है। इनकी वजह से खाने से होने वाली बीमारियां फैलती हैं और पार संदूषण हो सकता है।
#2
लगते हैं कीड़े-मकौड़े
आपने देखा होगा कि गंदे बर्तनों पर कॉकरोच घूमने लगते हैं। ये बर्तन कीड़े-मकौड़ों को आकर्षित करते हैं, जो बीमारियां फैलते हैं। गंदे बर्तनों पर बचा हुआ खाना और नमी लगी होती है, जो कीड़ों के लिए आदर्श वातावरण होता है। रातभर में आपके सिंक में रखे बर्तनों पर कीड़े, चूहे, छिपकली और चीटियां घूमेंगी और उन्हें दूषित करेंगी। यही कारण है कि आपको उन्हें तुरंत धुलकर ही रखना चाहिए।
#3
साफ करने में होती है कठिनाई
बर्तनों में कई बार खाना बच जाता है और हम फिर भी उन्हें सिंक में डाल देते हैं। ऐसा करना आपके लिए एक मुश्किल पैदा कर सकता है। रातभर में बचा हुआ खाना बर्तनों पर चिपक जाता है और सड़ने लग जाता है। बैक्टीरिया बर्तनों पर एक चिपचिपी परत बना देते हैं और खुद को खाने के बचे हुए टुकड़ों में छिपा लेते हैं। ऐसे में उन्हें साफ करने में बहुत कठिनाई होती है।
#4
आती हैं गंदी बदबू
आपने गौर किया होगा कि सुबह जब आप अपनी रसोई में कदम रखते होंगे तो एक गंदी बदबू आती होगी। यह सिंक में ढेर हुए गंदे बर्तनों के कारण ही आती है। बर्तनों में लगा खाना रातभर में सड़ने लगता है और खराब होता जाता है। ऐसे में उससे दुर्गंध आनी शुरू हो जाती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। ऐसे में आपको रात के गंदे बर्तन हाथों-हाथ धो लेने चाहिए और उन्हें ढेर नहीं करना चाहिए।