चंपत राय का ड्राइवर, पैसे गिनने वाले और सेवानिवृत्त बैंकर; राम मंदिर विवाद में कौन-कौन गिरफ्तार?
क्या है खबर?
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद में ट्रस्ट की शिकायत के बाद 8 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। इनमें मंदिर ट्रस्ट के दान की गिनती से जुड़े कर्मचारी, प्रक्रिया की निगरानी करने वाले एक सेवानिवृत्त बैंकर और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर और करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
रामशंकर यादव
चंपत राय का ड्राइवर रामशंकर सबसे अहम नाम
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी सहयोगी और ड्राइवर है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने दान राशि के गबन में अहम भूमिका निभाई। ये भी आरोप है कि बीते कुछ सालों में उसने अयोध्या और इसके आसपास करोड़ों रुपये की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की। उसकी जिम्मेदारी दान पेटियों की देखरेख और उन्हें गिनती के लिए बेसमेंट तक पहुंचाने का था।
अनुकल्प
अनुकल्प मिश्रा: राम मंदिर से जुड़ने के बाद खरीदी लाखों की संपत्ति
अनुकल्प मिश्रा अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसावां गांव का रहने वाला था। वे राम जन्मभूमि ट्रस्ट में दानराशि की गिनती और रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारी निभा रहा था। वे दान राशि की गिनती में शामिल रहता था। आरोप है कि वे गणना कक्ष से दान राशि की चोरी कर उसे बाथरूम में छिपा देता था। उसने भी बीते कुछ सालों में लाखों की संपत्तियां खरीदी हैं। इन संपत्तियों की भी जांच हो रही है।
लवकुश मिश्रा
लवकुश के घर से मिले थे 12 लाख रुपये
लवकुश मिश्रा अनुकल्प का बहनोई और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का रिश्तेदार भी है। वो चढ़ावे और नगदी की गिनती करने वाले कर्मचारियों में शामिल था। जांच के दौरान उसके घर से 12 लाख रुपये नगद बरामद किए गए थे। उस पर भी लाखों की संपत्तियां बनाने के आरोप हैं। इसके अलावा सुभाष श्रीवास्तव पर भी FIR हुई है। वे नकदी गिनती के प्रभारी थे और बैंक की नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे।
गिनती
ज्यादातर आरोपी दान की गिनती से जुड़े
इसके अलावा अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, रमा शंकर मिश्रा पर भी FIR हुई है। ये सभी दान की गिनती का काम करते थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने दान में आई राशि में हेरफेर की और संपत्तियां खरीदीं। ये सभी सुभाष के नीचे काम करते थे, जिन पर काम में लापरवाही बरतने और चोरी में शामिल रहने के आरोप हैं। पुलिस ने मनीष के घर से 36 लाख रुपये बरामद किए थे।