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केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी चेतन का गैट एनालिसिस करेगी पुलिस, ये क्या होता है?
पुणे हत्याकांड में पुलिस आरोपी चेतन चौधरी का गैट एनालिसिस करने की तैयारी कर रही है

केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी चेतन का गैट एनालिसिस करेगी पुलिस, ये क्या होता है?

लेखन आबिद खान
Jun 30, 2026
06:44 pm

क्या है खबर?

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस अब जांच के लिए नया तरीका अपनाने जा रही है। पुलिस सह-आरोपी चेतन चौधरी का गैट एनालिसिस करेगी। इसके जरिए चेतन के हाव-भाव और चाल का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। इस आधार पर ये साबित होगा कि घटना वाले दिन किले के CCTV कैमरे में हुडी पहने नजर आया शख्स चेतन ही था। आइए गैस एनालिसिस के बारे में जानते हैं।

गैट एनालिसिस

क्या होता है गैट एनालिसिस?

गैट एनालिसिस किसी व्यक्ति के चलने के तरीके का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें व्यक्ति के कदमों की लंबाई, चलने की गति, शारीरिक मुद्रा, हाथों का हिलना-डुलना, पैरों की स्थिति, घुटनों की गति और शरीर के संतुलन का अध्ययन किया जाता है। आमतौर पर जब आरोपी का चेहरा किन्हीं वजहों से CCTV फुटेज में साफ न हो, तो उसकी चलने का तरीका देखा जाता है। इससे CCTV में दिख रहे शख्स और संदिग्ध की पुष्टि की जाती है।

तरीका

कैसे किया जाता है गैट एनालिसिस?

गैट एनालिसिस के तरीके अलग-अलग होते हैं, लेकिन आमतौर पर जांचकर्ता सबसे पहले सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली CCTV फुटेज हासिल करते हैं। इस फुटेज में संदिग्ध जिन परिस्थितियों में चल रहा है, ठीक उन्हीं परिस्थितियों में संदिग्ध के चलने की दोबारा रिकॉर्डिंग की जाती है। यहां तक कि कपड़े भी वही पहनाए जाते हैं। इसके बाद विशेषज्ञ कदमों की लंबाई, चलने की लय, शरीर की मुद्रा, हाथों की गति, पैरों का कोण और कई पहलुओं की तुलना करते हैं।

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वजह

क्यों किया जाता है गैट एनालिसिस?

यह प्रक्रिया तब खासतौर पर उपयोगी होती है, जब संदिग्ध जानबूझकर मास्क, हेलमेट, स्कार्फ या हुडी पहनकर अपना चेहरा छिपा लेता है। केतन के मामले में भी यही हुआ है। चेतन घटना वाले दिन लोहगढ़ किले पर लगे CCTV फुटेज में हुडी पहने नजर आया था। चेतन ने मास्क और चश्मे से चेहरा भी ढंक लिया था। गैट एनालिसिस के जरिए पुलिस पुष्टि करेगी कि कैमरे में कैद हुआ शख्स चेतन ही है।

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सटीक

कितना सटीक होता है गैट एनालिसिस?

दरअसल, हर व्यक्ति के चलने का तरीका उसके शरीर की बनावट, मांसपेशियों के समन्वय, वजन, पिछली चोटों और प्राकृतिक आदतों की वजह से अलग-अलग होता है। भले ही 2 व्यक्तियों का कद या शारीरिक बनावट समान हो, लेकिन चाल में अक्सर अंतर होता है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि उंगलियों के निशान या DNA के उलट, गैट एनालिसिस पक्की पहचान स्थापित नहीं करता है। ये केवल सहायक सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

बयान

गैट एनालिसिस के बारे में पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने कोर्ट में कहा, "हम चेतन की चाल का विश्लेषण करने की योजना बना रहे हैं। हमारे पास CCTV फुटेज है, जिसमें वह अपना चेहरा छिपाने के लिए हुडी पहने हुए चलता हुआ दिखाई दे रहा है। चाल विश्लेषण में CCTV फुटेज में उसकी चाल की तुलना पुनर्निर्मित वीडियो से की जाएगी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि चलने का तरीका मेल खाता है या नहीं।" इसके लिए चेतन को किले पर ले जाया जाएगा।

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