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एक अमेरिकी और 6 यूक्रेनी आरोपियों को क्यों मिल गई देश लौटने की अनुमति?
NIA कोर्ट ने 7 विदेशी नागरिकों को एक महीने के लिए देश लौटने की अनुमति दी है

एक अमेरिकी और 6 यूक्रेनी आरोपियों को क्यों मिल गई देश लौटने की अनुमति?

लेखन आबिद खान
Sep 25, 2026
02:47 pm

क्या है खबर?

दिल्ली की एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने देश लौटने की अनुमति दी है। ये सभी लगभग 6 महीने से NIA की हिरासत में थे। इन पर म्यांमार के उग्रवादियों को हथियार और ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देने का आरोप है। सभी को इसी साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। आइए जानते हैं कोर्ट ने इन्हें देश लौटने की अनुमति क्यों दी।

UAPA

चार्जशीट में नहीं लगाई गई UAPA की धाराएं

सातों को देश लौटने के पीछे NIA की चार्जशीट सबसे अहम है। NIA ने वैनडाइक और 6 यूक्रेनियन नागरिकों के खिलाफ आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है, लेकिन गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत अपराधों को शामिल नहीं किया है।

एजेंसी ने कोर्ट को बताया है कि UAPA के तहत कथित अपराधों की जांच अभी जारी है।

इससे सातों के देश लौटने का कानूनी रास्ता खुल गया।

आरोप

UAPA के तहत हुई थी गिरफ्तारी

वैनडाइक और यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च को म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े एक प्रशिक्षण शिविर से संबंधों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

NIA ने कहा कि सातों ने दिसंबर, 2025 में भारत में प्रवेश किया और बिना जरूरी परमिट के मिजोरम गए। इसके बाद सभी म्यांमार पहुंचे, जहां उन्हें ड्रोन और जैमिंग तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण शिविरों में शामिल होना था।

वैनडाइक को शुरू में UAPA की धारा 18 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

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गलतियां

क्या NIA से हुई गलती?

वैनडाइक के मामले में NIA के पास 180 दिन का जांच का समय था। हालांकि, एजेंसी ने 8 सितंबर तक UAPA के तहत चार्जशीट दाखिल नहीं की। जो चार्जशीट दाखिल की गई थी, उसमें लगाए गए आरोपों को कोर्ट ने 'अधूरा' बताया, जो केवल आव्रजन अपराधों तक सीमित था।

इसी के बाद 18 सितंबर को वैनडाइक को जमानत मिल गई थी।

हालांकि, NIA अभी भी UAPA के तहत जांच कर रही है।

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अनुमति

कोर्ट बोला- विदेश यात्रा का अधिकार अनुच्छेद 21 का ही विस्तार

कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का ही विस्तार है।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के हवाले से कहा कि विदेश जाने का अधिकार अनुच्छेद 21 का हिस्सा है और इसे किसी अनुचित, मनमानी या तर्कहीन प्रक्रिया से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि NIA ने यह नहीं कहा कि जांच पूरी करने के लिए आरोपियों की भारत में उपस्थिति जरूरी है।

शर्तें

किन शर्तों पर मिली देश लौटने की अनुमति?

कोर्ट ने आदेश दिया कि उनकी एक महीने की अवधि विमान में सवार होने के दिन से शुरू होगी। अवधि खत्म होने के बाद सभी को भारत लौटना होगा।

उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी NIA को देनी होगी।

कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्देश दिया कि NIA जब भी जांच में शामिल होने के लिए कहे, उन्हें वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल होना होगा।

मामला

क्या है 7 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी का मामला?

इन सातों विदेशी नागरिकों को NIA ने इसी साल मार्च में कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ के हवाई अड्डों से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार किया था।

आरोप था कि ये सभी पर्यटक वीजा पर भारत आए और बिना जरूरी अनुमति के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम के प्रतिबंधित सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गए।

इन्होंने अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार की पहाड़ियों में प्रवेश किया, जहां इन्होंने भारत-विरोधी विद्रोही गुटों को ड्रोन संचालित करने और सैन्य युद्ध का प्रशिक्षण दिया था।

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