अल नीनो और कमजोर मानसून की दोहरी मार, देश के जलाशय सिर्फ 27 प्रतिशत भरे
देश के बड़े जलाशयों में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है, वे सिर्फ 27.5 प्रतिशत ही भरे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इस साल मानसून की कमजोर शुरुआत है। अल नीनो के प्रभाव के चलते अब तक औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर 80.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार आंकड़ा सिर्फ 48.5 मिलीमीटर रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्य भारत में दिखाई दे रहा है, जहां बारिश में 62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति किसानों और फसलों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में 42 प्रतिशत बारिश की कमी
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत भी बारिश की भारी कमी झेल रहा है, यहां 42 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, दक्षिण भारत में भी बारिश में 21 प्रतिशत की कमी आई है। उत्तर-पश्चिम भारत की स्थिति बाकी इलाकों से थोड़ी बेहतर है। यहां पश्चिमी विक्षोभों के कारण बारिश में सिर्फ मामूली कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, पूरे देश में हर 5 जलाशयों में से सिर्फ एक ही आधा भरा है, जो पिछले साल के स्तर से काफी नीचे है।