बाइडन के चिकित्सा सलाहकार एंथनी फौसी पर आरोप, कोरोना फैलाने वाली वुहान लैब को फंड दिया
क्या है खबर?
अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुसली गबार्ड ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ एंथनी स्टीफन फौसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। तुलसी ने कुछ दस्तावेज जारी किए, जिसमें बताया गया कि डॉ फौसी ने चीन की वुहान लैब में खतरनाक 'गेन-ऑफ-फंक्शन' रिसर्च के लिए लाखों डॉलर दिए थे। तुलसी ने बताया कि फौसी ने वायरस के लैब से लीक होने की बात को दबाया और 2024 में कांग्रेस से झूठ बोला।
खुलासा
वायरस के लैब से लीक होने की बात छिपाई
राष्ट्रीय खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी ने बताया कि कोरोना महामारी से पहले फौसी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के प्रमुख थे। इस दौरान उन्होंने चीन की वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) में चमगादड़ कोरोना वायरस पर खतरनाक गेन-ऑफ-फंक्शन अनुसंधान (वायरस को और खतरनाक बनाने वाली रिसर्च) को वित्तपोषित करने लिए फंड दिया था। तुलसी ने बताया कि यह वही लैब है कि जहां से वायरस लीक हुआ और इसे महामारी फैलाने के लिए जाना जाता है।
आरोप
महामारी के दौरान फौसी के ऊपर 3 कारनामे करने का आरोप
तुलसी ने दस्तावेजों जारी करते हुए बताया कि फौसी ने अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर महामारी के दौरान 3 भूमिकाएं निभाई थी। आरोप है कि फौसी ने बड़ी फार्मा कंपनियों से जुड़े जोखिम भरे कोरोना अनुसंधान और खरबों डॉलर के 'सार्वभौमिक टीकों' की खोज को वित्तपोषित किया। फौसी ने अमेरिकी एजेंसियों के पास अपने विशेषज्ञों को भेजकर बताया कि वायरस प्राकृतिक रूप से जानवर से आया है, न कि लैब से। फौसी ने महामारी विशेषज्ञ बनकर झूठे दावे किए।
झूठ
अमेरिकी संसद से झूठ बोलने का आरोप
तुलसी ने जिक्र किया कि फौसी ने 2024 में कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से झूठ बोला और शपथ के तहत वायरल शोध के बारे में खुफिया अधिकारियों के साथ चर्चाओं की जानकारी होने से इनकार कर दिया था। उनसे पूछा गया था कि क्या आपने संघीय जांच ब्यूरो (FBI), संघीय जांच एजेंसी (CIA) और रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) या किसी खुफिया एजेंसी से वायरस रिसर्च के बारे में बात की थी? फौसी ने बार-बार जानकारी न होने की बात कही थी।
जांच
एक साल से चल रही था जांच
तुलसी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद पूरी सच्चाई सामने लाने के आदेश के तहत एक साल से इस मामले पर जांच कर रही थीं। बता दें कि डॉ फौसी एक प्रसिद्ध अमेरिकी चिकित्सक-वैज्ञानिक और इम्यूनोलॉजिस्ट हैं। वह करीब 38 साल तक NIAID के निदेशक रहे हैं। उनको 2021 और 2022 के दौरान राष्ट्रपति बाइडन का मुख्य चिकित्सा सलाहकार बनाया गया था। वे पहले भी कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए संक्रामक रोगों के प्रमुख सलाहकार रह चुके हैं।