
वीवो इंडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने 3 और लोगों को किया गिरफ्तार
क्या है खबर?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चीनी मोबाइल कंपनी वीवो और कुछ अन्य के खिलाफ धनशोधन के आरोप में 3 और लोगों को गिरफ्तार किया है।
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों ने बताया कि तीनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। तीनों लोगों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है।
इससे पहले जांच एजेंसी ने 4 गिरफ्तारियां की थीं।
गिरफ्तार
इससे पहले कौन से 4 लोग हुए थे गिरफ्तार?
इस साल अक्टूबर में ED ने धनशोधन मामले में मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल के एमडी हरिओम राय, चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन गर्ग और राजन मलिक को गिरफ्तार किया था। यह सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
दिल्ली की एक विशेष PMLA कोर्ट में ED ने इन चारों के खिलाफ चार्जशीट भी दायर की थी जिसपर कोर्ट ने संज्ञान भी लिया है। चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ वीवो को आरोपी बनाया गया है।
वीवो
वीवो पर क्या हैं आरोप?
ED का आरोप है कि भारत में टैक्स देने से बचने के लिए वीवो ने अवैध रूप से 62,476 करोड़ रुपये की बड़ी रकम चीन भेजी थी। उनसे 2014 से 2020 के बीच जीरो कमाई दिखाकर कोई टैक्स नहीं दिया।
इसके अलावा वीवो पर भारत के नियमों का उल्लंघन करते हुए 2014 में देश में प्रवेश के बाद देशभर में 19 अन्य कंपनियां स्थापित करने का भी आरोप है।
ED के अनुसार, वीवो ने इन कंपनियों का मालिकाना हक छिपाया।
वीवो आरोप
अन्य कंपनियों के जरिए पूरी सप्लाई चैन पर था वीवो का नियंत्रण
ED का आरोप है कि वीवो ने चीनी नागरिकों को इन कंपनियों का मालिक बना रखा था और इनके जरिए भारत में वीवो फोन की पूरी सप्लाई चैन पर उसका नियंत्रण था।
ED के अनुसार, आरोपियों ने छिपकर और कपटपूर्ण तरीके से देश में एक विस्तृत चीन-नियंत्रित नेटवर्क बनाकर भारत सरकार को धोखा दिया।
ED का कहना है कि इन 19 कंपनियों पर अपना नियंत्रण छिपाने के लिए वीवो ने बाहरी 'ट्रेडिग कंपनियों' को एक लाख करोड़ रुपये भेजे।
कार्रवाई
ED ने कब शुरू की थी जांच?
2022 में अपनी जांच शुरू करने के बाद पिछले साल जुलाई में ED ने वीवो इंडिया और उसके जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारा था। एजेंसी ने दावा किया था कि उसने एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट के पर्दाफाश किया है।
इस साल अक्टूबर में ED ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर आरोप लगाया कि यह सभी भारत के बाहर बड़े पैमाने पर पैसा भेजकर वीवो को गलत तरीके से लाभ कमाने में मदद की है।