अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामला: SIT ने शुरू की जांच, क्या गुत्थी सुलझेगी?
एक विशेष जांच दल (SIT) अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित दान के गबन के दावों की जांच कर रहा है। इस तीन सदस्यीय टीम का नेतृत्व लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। सोमवार को टीम ने करीब 8 घंटे मंदिर के कैश काउंटिंग रूम, तिजोरी और रजिस्टर की बारीकी से जांच की। टीम ने 23 जनवरी, 2024 को मंदिर के उद्घाटन के बाद से कैश संभालने वाले कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी खंगाले। साथ ही, टीम ने मंदिर के CCTV फुटेज भी जमा किए हैं।
कर्मचारियों के वेतन में अंतर की भी जांच
SIT एक हफ्ते के भीतर अपनी शुरुआती रिपोर्ट पेश करेगी और 15 दिनों के अंदर पूरी जांच रिपोर्ट सौंप देगी। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि कर्मचारियों के वेतन में कोई असमानता या ट्रस्ट सदस्यों के साथ उनके कोई संदिग्ध संबंध तो नहीं हैं। बता दें कि ट्रस्ट के कुछ कर्मचारियों को महीने के 10,000 से 15,000 रुपये मिलते हैं, जबकि बाहर से रखे गए कर्मचारियों को 28,000 रुपये दिए जा रहे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि वे इस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का कहना है कि दोनों मोर्चों पर कार्रवाई करने से भक्तों का विश्वास और गहरा होगा। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मंदिर के दान में गबन के आरोप सामने आए।