
अमेरिका ने पहली बार प्रवासी भारतीयों को सैन्य विमानों से किया था निर्वासित, संसद में खुलासा
क्या है खबर?
तृणमल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले का कहना है कि अमेरिका ने भारतीय प्रवासियों को पहली बार सैन्य विमानों से वापस भेजा था, जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर का दावा था कि यह अमेरिका का 'मानक प्रोटोकाल' है।
TMC सांसद ने यह खुलासा, विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए एक जवाब को एक्स पर साझा करते हुए किया।
उन्होंने लिखा, 'यह बहुत चौंकाने वाली और शर्मनाक बात है कि भारत के विदेश मंत्री ने संसद और देश से झूठ बोला।'
दावा
विदेश मंत्रालय ने प्रवासियों को लेकर क्या दी जानकारी
अमेरिका ने कुछ हफ्ते पहले वहां अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को हथकड़ी पहनाकर सैन्य विमानों से भारत भेजा था, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ था।
मामले में एस जयशंकर ने संसद में दावा किया था कि अमेरिका द्वारा लोगों को सैन्य विमानों से निर्वासित करना 'मानक प्रोटोकॉल' है।
गोखले का कहना कि जब उन्होंने इस संबंध में विदेश मंत्रालय से सवाल किया को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा का अलग जवाब सामने आया।
सवाल
गोखले ने क्या पूछा था सवाल?
गोखले ने राज्यसभा में पूछा था कि क्या वर्ष 2020 से लेकर अभी तक अन्य देशों से निकाले जा रहे भारतीय प्रवासियों को वापस लाने के लिए मंत्रालय ने वाणिज्यिक विमान, सैन्य विमान या चार्टर्ड विमान का उपयोग किया था?
उन्होंने यह भी पूछा कि 2020 से अभी तक भारतीय प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए किन देशों ने सैन्य विमानों का उपयोग किया है?
जवाब
विदेश मंत्रालय ने क्या दिया जवाब?
सवाल पर मंत्रालय ने जवाब दिया कि 2020 से किसी भी निर्वासित भारतीय प्रवासियों के प्रत्यावर्तन के लिए मंत्रालय ने कोई विमान किराए पर नहीं लिया है।
हालांकि, कुछ अपवादात्मक मामलों में भारतीय प्रवासियों को वाणिज्यिक विमान पर टिकट खऱीदकर स्वदेश लौटने में मदद की थी।
मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका ने 2025 में सैन्य विमानों का उपयोग किया था, जबकि 2009 से अमेरिकी सरकार ने 15,664 भारतीय नागरिकों को चार्टर्ड और वाणिज्यिक विमानों का उपयोग निर्वासन के लिए किया।
आरोप
साकेत गोखले ने लगाया अमेरिका से डरने का आरोप
गोखल ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने 2025 से पहले कभी भारतीयों को निर्वासित करने के लिए सैन्य विमानों का इस्तेमाल नहीं किया था, जबकि 2025 में 3 बार इस्तेमाल हुआ।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अन्य देशों के नागरिकों को नागरिक विमामों से भेजा, जबकि भारत अपवाद था।
उन्होंने हथकड़ी लगाने पर कहाकि इसका उद्देश्य भारतीयों को अपमानित करना था।
उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार ट्रंप प्रशासन के खिलाफ कमजोर क्यों है और आपत्ति क्यों नहीं जताई?
ट्विटर पोस्ट
साकेत गोखले का ट्वीट
Very important:
— Saket Gokhale MP (@SaketGokhale) April 2, 2025
It is a matter of great shock & shame that India's Foreign Minister lied to Parliament & to the country
While giving a statement in Rajya Sabha, Foreign Minister @DrSJaishankar had claimed that US deportations of Indians on military flights were "standard… pic.twitter.com/ivsbnymmld
जानकारी
अमेरिका से निर्वासित हुए कुल 388 भारतीय
अमेरिका से कुल 332 भारतीय वापस भेजे गए हैं। पहले 3 जत्थों में क्रमश: 104, 116 और 112 लोगों को सैन्य विमानों से हथकड़ी पहनाकर भारत लाया गया था। इसके बाद 55 लोग पनामा से निर्वासित हुए थे, जिनको वाणिज्यिक विमानों से लाया गया।