अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर के बाद लद्दाख पहुंचे, दलाई लामा से मुलाकात पर नजरें
क्या है खबर?
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर लद्दाख पहुंच गए हैं। वे लेह हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से उन्हें कड़े सुरक्षा घेरे में ले जाया गया। वे यहां दलाई लामा के साथ बैठक करने वाले हैं, जो लंबे समय से प्रवास कर रहे हैं और धार्मिक शिक्षाएं देते हैं। इस बैठक का एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन इसे एक निजी मुलाकात माना जा रहा है। इससे पहले गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था।
दौरा
चीन के नजरिए थे अहम दलाई लामा के संग बैठक
गोर अपनी लद्दाख यात्रा के दौरान लेह के शेवतसेल टीचिंग ग्राउंड में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मुलाकात करने वाले हैं।
चीन के लिहाज से ये मुलाकात संवेदनशील होने वाली है, क्योंकि चीन विदेशी सरकारों के साथ दलाई लामा की बातचीत का विरोध करता रहा है।
दलाई लामा को शरण देने का मुद्दा भारत और चीन के संबंधों में विवादित भी रहा है। ऐसे में गोर और दलाई लामा की मुलाकात पर चीन की नजरें होंगी।
जम्मू-कश्मीर
गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे की हुई थी खूब चर्चाएं
गोर कल जम्मू-कश्मीर दौरे पर थे। धारा 370 हटने के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का ये पहला दौरा था।
इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया, जिसकी खूब चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा को लेकर जारी चेतावनी के स्तर को कम कर सकता है।
अहमियत
कितना अहम है गोर का लद्दाख दौरा?
अमेरिका का दलाई लामा के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है और तिब्बत की राजनीतिक स्थिति संवेदनशील है, इसलिए इस बैठक का खासा महत्व है।
दूसरी ओर, चीन दलाई लामा को राजनीतिक व्यक्ति मानता है और विदेशी सरकारों के साथ उनके आधिकारिक संबंधों का विरोध करता है। चीन ने दलाई लामा और विदेशी अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।
लेह में होने के चलते बैठक की जगह की भी अहमियत है।
कश्मीर दौरा
गोर के कश्मीर दौरे से बिलबिलाया पाकिस्तान
गोर ने बीते दिन कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। उनकी इस टिप्पणी से पाकिस्तान बिलबिला गया है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे का विरोध किया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए। पाकिस्तान ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह बयानों में कश्मीर की स्थिति का ध्यान रखें।