भारत के करोड़ों बच्चे 'हीटवेव' के खतरे में, UNICEF की चौंकाने वाली रिपोर्ट
UNICEF की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में 39.2 करोड़ बच्चे, यानी देश के कुल बच्चों का लगभग 92 प्रतिशत, अत्यधिक गर्मी वाली परिस्थितियों में रह रहे हैं। इनमें से 8.9 करोड़ बच्चे सीधे लू की चपेट में हैं। लू के बार-बार आने और ज्यादा तीव्र होने की वजह से बच्चों की सेहत, उनकी पढ़ाई-लिखाई और यहां तक कि उनके अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
हीट एक्शन प्लान्स में बच्चों की जरूरतों की अनदेखी
UNICEF का कहना है कि भारत में हीट एक्शन प्लान तो मौजूद हैं, लेकिन अक्सर इनमें बच्चों की खास जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि इन योजनाओं में स्कूलों और आंगनवाड़ियों को भी जोड़ा जाए। साथ ही, रात के समय पड़ने वाली गर्मी का भी ख्याल रखा जाए और उन जिलों की पहचान की जाए जहां बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा है, ताकि उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके।
क्षेत्र में जलवायु खतरों में भारत सबसे ऊपर
अपने क्षेत्र में जलवायु जोखिम के मामले में भारत सबसे ऊपर के देशों में शामिल है। इससे ऊपर सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस सूची में अत्यधिक गर्मी सबसे बड़ा जोखिम है। दुनियाभर में लगभग 1.1 अरब बच्चे कम से कम तीन जलवायु खतरों की दोहरी मार झेल रहे हैं। UNICEF ने सभी देशों से अपील की है कि वे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती करें और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ें, ताकि सभी बच्चों के लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाया जा सके।