UN ने 565 भारतीय शांतिदूतों को नवाजा, 53 महिलाएं भी; जानें क्यों दुनिया कर रही सलाम?
UN ने दक्षिण सूडान में शांति सेवा दे रहे 565 भारतीय सैनिकों को उनके शानदार काम के लिए पदक देकर सम्मानित किया है। इनमें 53 महिला सैनिक भी शामिल हैं। इन भारतीय शांति सैनिकों ने सिर्फ गश्त ही नहीं की, बल्कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा। उन्होंने जानवरों के लिए पशु चिकित्सा शिविर लगाकर उनकी सेहत का ख्याल रखा और यह भी सुनिश्चित किया कि जरूरतमंदों तक मदद का सामान आसानी से पहुंचे। इसके साथ ही, उन्होंने वहां की महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया।
भारत UN का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश
फिलहाल, 4,200 से ज्यादा भारतीय सैनिक UN शांति अभियानों में तैनात हैं। भारत उन देशों में से है जिसने शांति अभियानों में सबसे ज्यादा बलिदान दिया है। अब तक करीब 180 भारतीय शांति सैनिक शहीद हो चुके हैं। पिछले हफ्ते, 2 भारतीय सैनिकों को उनके बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित भी किया गया।
इसी कड़ी में, एक और बड़ी उपलब्धि तब हासिल हुई जब लेबनान में तैनात मेजर अभिलाषा बराक को 'मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान लेबनान में महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए किए गए उनके शानदार काम के लिए मिला है।