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FIR में देरी, फंदा कब्जे में नहीं लिया; ट्विशा शर्मा मामले में लापरवाहियों से उठे सवाल
ट्विशा शर्मा मामले में कथित लापरवाहियों ने जांच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं

FIR में देरी, फंदा कब्जे में नहीं लिया; ट्विशा शर्मा मामले में लापरवाहियों से उठे सवाल

लेखन आबिद खान
May 25, 2026
02:58 pm

क्या है खबर?

मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपियों के वकील ने FIR में देरी और सबूतों को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरतने का मुद्दा उठाया। इससे पहले ट्विशा के परिजनों ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसी के चलते परिजन दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर भी अड़े थे। आइए जानते हैं मामले में क्या-क्या लापरवाहियां सामने आई हैं।

फंदा

पुलिस ने जब्त नहीं किया फंदा

ट्विशा ने जिस फंदे से कथित तौर पर फांसी लगाई, पुलिस ने उसे जब्त ही नहीं किया। परिजन के सवाल उठाने के बाद 15 मई को फंदा बरामद किया गया। आमतौर पर ऐसे मामलों में फंदा जांच के लिए भेजा जाता है। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के गले पर फंदे के 2 निशान होने की बात है, लेकिन मौत का कारण लटकना बताया गया है। जानकारों के मुताबिक, फांसी के मामलों में गले पर एक ही निशान होता है।

फुटेज

CCTV फुटेज को लेकर भी भारी अनियमितताएं

ट्विशा के परिवार का आरोप है कि लगभग 2 दिन तक घटनास्थल आरोपी परिवार के कब्जे में रहा। उन्होंने सवाल उठाए कि अगर पुलिस ने फुटेज पहले ही जब्त कर लिए थे, तो ये सार्वजनिक कैसे हो गए। वहीं, ट्विशा की सास गिरिबाला का आरोप है कि पुलिस द्वारा फुटेज कॉपी करने के दौरान जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए कहा कि वीडियो में टाइम गलत आ रहा था।

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FIR

3 दिन बाद दर्ज हुई FIR?

FIR में देरी के चलते भी पुलिस की भूमिका पर सवाल हैं। ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी, लेकिन FIR 3 दिन बाद दर्ज की गई। पुलिस पर दबाव की बात भी सामने आ रही है, क्योंकि ट्विशा के पति समर्थ वकील हैं और सास जिला कोर्ट की सेवानिवृत्त जज हैं। ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि FIR में देरी के कारण सबूतों से छेड़छाड़ हुई और प्रभावशाली व्यक्तियों ने जांच में हस्तक्षेप किया।

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पति

घटना के बाद पति क्यों हुआ गायब?

एक और अनसुलझा मुद्दा ट्विशा की मौत के बाद पति समर्थ का लापता होना है। वो 10 दिन तक गायब रहा। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए नोटिस जारी किया था और नकद इनाम की घोषणा की थी। बाद में उसने जबलपुर में आत्मसमर्पण किया। जब ससुराल वालों का कहना है कि ट्विशा ने आत्महत्या की, तो समर्थ भागता क्यों रहा? इस दौरान वो कहां रहा, किनसे मिला और क्या पुलिस-परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।

अन्य सवाल

ये सवाल भी उठ रहे

परिजनों का कहना है कि ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई निशान हैं। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी इनका जिक्र है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई 166 सेंटीमीटर दर्ज है, जबकि परिजन इसे 172 सेंटीमीटर बता रहे हैं। आरोप है कि पहला पोस्टमार्टम जूनियर डॉक्टरों ने किया। इसमें कई मामलों पर विस्तृत जानकारी नहीं है। पोस्टमार्टम के दौरान समर्थ के परिचित डॉक्टरों की मौजूदगी की भी बात सामने आई है।

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