रुपये की गिरावट पर RBI गवर्नर का आया बयान, कही ये बातें
क्या है खबर?
भारतीय रुपया ओवरवैल्यूड नहीं है, बल्कि हालिया गिरावट के बाद यह अंडरवैल्यूड भी हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक साक्षात्कार में यह बात कही। यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच भारतीय मुद्रा के प्रति डॉलर 100 के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंचने की पृष्ठभूमि में आया है। रुपया हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले काफी गिरा है और 90 के स्तर के पार चला गया।
हस्तक्षेप
RBI रोजाना की गिरावट में नहीं करता हस्तक्षेप
मिंट से बातचीत में मल्होत्रा ने कहा कि इस गिरावट की वजह मुख्य रूप से डॉलर की ज्यादा मांग है। विदेशी निवेशक पैसे निकाल रहे हैं और तेल महंगा हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार रुपये को संभालने में मदद करेगा। साथ ही स्पष्ट किया कि बैंक किसी फिक्स्ड लेवल जैसे 100 रुपये प्रति डॉलर को बचाने के लिए नहीं लड़ रहा है। वह जरूरत पड़ने पर ही हस्तक्षेप करती है।
फायदेमंद
गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बताया फायदेमंद
RBI गवर्नर का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद रुपये नॉमिनल और रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट दोनों हिसाब से कम मूल्य वाला हो गया। मतलब यह पहले से सस्ता हो चुका है। इससे पहले कुछ लोग सोचते थे कि रुपया महंगा है, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर भी हो सकती है। सस्ता रुपया निर्यात को बढ़ावा दे सकता है। विदेशी सामान महंगा पड़ने से स्थानीय उत्पादकों को फायदा होगा।