अयोध्या राम मंदिर चंदा जांच: SIT को मिली मोहलत, अब आपराधिक पड़ताल भी
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या राम मंदिर में हुए चंदे के कथित गलत प्रबंधन की जांच कर रही प्रशासनिक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को और समय दिया है। इस तीन सदस्यीय SIT को पहले 15 जुलाई तक का वक्त मिला था, लेकिन अब इसे 30 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। SIT ने भक्तों के चढ़ावे और चंदे के हिसाब-किताब को और गहराई से खंगालने के लिए कुछ और समय मांगा था।
अयोध्या राम मंदिर मामले में अलग से आपराधिक जांच की तैयारी
अभी SIT इस बात पर गौर कर रही है कि मंदिर में काम करने के तरीकों या सुरक्षा में कहां कमी रह गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर चंदे के प्रबंधन के लिए नए नियम और अच्छी व्यवस्था बनाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार जांच के पूरे सिस्टम को फिर से बनाने पर भी विचार कर रही है। इसके लिए एक अलग आपराधिक जांच टीम बनाई जाएगी, जिसकी अगुवाई एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे। यह टीम किसी भी संभावित अपराध की जांच करेगी, जबकि प्रशासनिक SIT सिर्फ प्रक्रिया से जुड़ी कमियों को सुधारने पर काम करती रहेगी।