नागरिकता पर सवाल: महिला को बांग्लादेश भेजने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जानना चाहा है कि आखिर क्यों पश्चिम बंगाल की एक महिला को कथित तौर पर मुंबई में हिरासत में लिया गया और बिना सही कानूनी प्रक्रिया अपनाए उसे बांग्लादेश भेज दिया गया।
महिला के बेटे का कहना है कि उसकी मां सालों से भारत में रह रही थी, लेकिन उसकी नागरिकता की निष्पक्ष जांच किए बिना ही उसे देश से निकाल दिया गया। अदालत ने अब इस मामले में चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है।
शाहीन अख्तर के वकीलों का दावा- संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
शाहीन अख्तर के वकीलों का कहना है कि उनके पास पहचान संबंधी दस्तावेज मौजूद थे, फिर भी उन्हें अपना बचाव करने या अपनी राष्ट्रीयता साबित करने का मौका नहीं दिया गया।
वकील शाहीन की वापसी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह डिपोर्टेशन उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उनके परिवार के भारत में लंबे इतिहास को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने यहां तक बताया कि शाहीन के दादा का नाम 1952 की मतदाता सूची में भी दर्ज था।