हॉर्मुज खुला, लाखों भारतीय नाविकों को मिलेगी रफ्तार
हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक बहुत ही अहम समुद्री मार्ग है, कई महीनों तक चले तनाव और संघर्ष के बाद अब दोबारा खुल गया है। इसके खुलने से न सिर्फ दुनिया भर का व्यापार फिर से रफ्तार पकड़ेगा, बल्कि भारतीय नाविकों के लिए भी काम के नए अवसर पैदा होंगे। दुनियाभर के कुल नाविकों में से लगभग 17 प्रतिशत भारतीय हैं। साल 2024 तक, समुद्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की संख्या 3.08 लाख पहुंच चुकी है। इस आंकड़े के साथ भारत उन शीर्ष तीन देशों में शामिल हो गया है, जहां सबसे ज्यादा समुद्री पेशेवर हैं।
भारतीय समुद्री कॉलेजों में रिकॉर्ड आवेदन
हाल ही में हुए संघर्षों के दौरान सैकड़ों नाविकों के फंसने जैसे कई खतरों के बावजूद, भारत का समुद्री कार्यबल लगातार बढ़ रहा है। आज भी युवाओं को समुद्री पेशे की ओर खींचने वाले मुख्य कारण अच्छी कमाई और परिवार की पुरानी परंपरा है। समुद्री कॉलेजों में दाखिले के लिए रिकॉर्ड तोड़ आवेदन आ रहे हैं। अब इन कॉलेजों में ट्रेनिंग में न केवल सुरक्षा अभ्यास शामिल हैं, बल्कि छात्रों को संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में समुद्री यात्रा करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि नए कैडेट आज के दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।