फर्जी 'बाबा' की काली करतूतें: पुलिस हिरासत में खरात, SIT खोलेगी नेताओं संग कनेक्शन की पोल?
खुद को भगवान बताने वाले तथाकथित बाबाजी अशोक खरात को नाशिक कोर्ट ने 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। पिछले महीने उसे महिलाओं के यौन शोषण और पैसे हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह खुद को दैवीय शक्तियों वाला बताकर लोगों को ठगता था। उसके वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उसके खिलाफ सभी मामले एक जैसे हैं, लेकिन सरकारी वकीलों का कहना था कि हर मामले की अलग और गहन जांच बेहद ज़रूरी है।
विशेष जांच टीम खरात की जांच कर रही है
अशोक खरात पर कम से कम 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ नाशिक और अहिल्यानगर में यौन उत्पीड़न के हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इन सभी आरोपों की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इसी बीच, राजनीतिक नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आने के बाद कई नए सवाल भी खड़े हो गए हैं। इन सब के बीच, कोर्ट ने जांच के दौरान अशोक खरात को अपने कंधे के दर्द का इलाज कराने की अनुमति भी दी है।