भारतीय नौसेना को मिली अभेद्य शक्ति, 449 करोड़ रुपये के जैमर्स और स्वदेशी पनडुब्बियों से बढ़ेगी समुद्री ताकत
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 449 करोड़ रुपये का एक बड़ा सौदा किया है। इस सौदे के तहत भारतीय नौसेना को 20 नए सैटेलाइट जैमर्स मिलेंगे। ये जैमर्स जहाजों को दुश्मन के सैटेलाइट सिग्नल्स को रोकने और 'स्पूफिंग' जैसे चालाकी भरे पैंतरे आजमाने में सक्षम बनाएंगे। इससे नौसेना के ऑपरेशन और भी सुरक्षित और आसान हो जाएंगे। यह कदम 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत देश के रक्षा क्षेत्र को और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
नौसेना ने स्थानीय रॉकेट और पनडुब्बियों को अपनाया
इन जैमर्स के अलावा, नौसेना अपने मिग-29K विमानों के लिए देश में बने 80 MM एयर-टू-ग्राउंड रॉकेट्स का भी उपयोग शुरू कर रही है। पनडुब्बियों के बेड़े को भी मजबूती मिल रही है। प्रोजेक्ट 75 (I) के तहत 3 और पनडुब्बियां शामिल की जा रही हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 9 हो जाएगी। इसके साथ ही, 'प्रोजेक्ट 76' के तहत कम से कम 6 पनडुब्बियां बनाने की योजना है। ये पनडुब्बियां पूरी तरह से भारतीय डिजाइन पर आधारित होंगी और इनमें बड़ी मात्रा में स्वदेशी उपकरण लगाए जाएंगे। इन सभी कदमों का मकसद आयात पर निर्भरता घटाना और समुद्र में भारत की अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाना है।