भारतीय सेना अपने शस्त्रागार में शामिल कर सकती है 300 और K9 वज्र-T होवित्जर
भारतीय सेना अपने शस्त्रागार में 300 और K9 वज्र-T होवित्जर शामिल करना चाहती है। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता को काफी बढ़ाना है। 23,000 करोड़ रुपये का यह प्रस्ताव जल्द ही समीक्षा के लिए पेश होगा और अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह सेना के तोपखाने (आर्टिलरी) के सबसे बड़े आधुनिकीकरण में से एक होगा, खासकर देश की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर।
जानिए K9 वज्र-T होवित्जर की खासियत
K9 वज्र-T 155 मिलीमीटर का ट्रैक्ड होवित्जर है। इसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने दक्षिण कोरिया की हानवाह एयरोस्पेस के साथ मिलकर बनाया है। इसे मुख्य रूप से रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध के समय इसने मुश्किल पहाड़ी इलाकों में भी अपनी ताकत दिखाई। सेना के पास फिलहाल ऐसी 100 तोप मौजूद हैं और 2024 में ही सेना ने 100 और तोपों का ऑर्डर दिया था।