जुलाई 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य से आएगी LPG, 33.5 करोड़ भारतीय परिवारों को मिलेगी राहत
ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के तहत होर्मूज जलडमरूमध्य जुलाई 2026 में धीरे-धीरे दोबारा खुलना शुरू हो जाएगा। इसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता भारत के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति बहाल करना है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि हालिया संघर्ष के कारण LPG का आयात घटकर लगभग आधा रह गया था। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि भारत के 33.5 करोड़ से भी ज्यादा परिवार खाना पकाने के लिए इसीLPG पर निर्भर करते हैं। चूंकि भारत को ज्यादातर LPG पश्चिम एशिया से मिलती है, इसलिए इन खेपों को फिर से शुरू करना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
फंसे हुए LPG कार्गो को पहले मिलेगी हरी झंडी
योजना यह है कि पहले फंसे हुए LPG कार्गो को रवाना किया जाएगा। इसके बाद, धीरे-धीरे लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और कच्चे तेल का आयात भी दोबारा शुरू होगा। क्लेपर के रिफाइनिंग और मॉडलिंग के मुख्य रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया बताते हैं कि जैसे ही खाड़ी के देश निर्यात बढ़ाना शुरू करेंगे, उसके लगभग चार हफ्तों के भीतर हालात सामान्य होने लगेंगे। इस चरणबद्ध तरीके का मकसद भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को फिर से दुरुस्त करना और घरों में LPG जैसी जरुरी चीजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।