हज यात्रा पर महंगाई की मार, हवाई किराए में हुई 10,000 रुपये की बढ़ोतरी
भारत हज कमेटी ने हाल ही में घोषणा की है कि साल 2026 में हज पर जाने वाले यात्रियों को हवाई किराए के तौर पर 10,000 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी जेट फ्यूल (विमान ईंधन) के बढ़ते दामों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण की गई है। सभी पंजीकृत हज यात्रियों को 15 मई तक यह बढ़ी हुई राशि जमा करनी होगी।
ओवैसी ने की हज रिफंड की मांग
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले को यात्रियों का शोषण बताया है। उन्होंने कहा कि कई लोग इस जीवन में एक बार मिलने वाले मौके के लिए सालों तक पैसे जमा करते हैं।
ओवैसी ने यह भी कहा कि कमेटी द्वारा तय किया गया किराया सामान्य तौर पर यात्रा करने वाले लोगों के किराए से लगभग दोगुना है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस पर दोबारा विचार किया जाए और यात्रियों को पैसे वापस दिए जाएं।
वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईंधन के दामों में बढ़ोतरी किसी के नियंत्रण में नहीं है और इसके लिए एयरलाइंस को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।