चुनाव आयोग का सख्त फरमान: AI कंटेंट लेबल करो, 3 घंटे में हटाओ गलत सामग्री!
भारत निर्वाचन आयोग ने इस साल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके अभियान प्रतिनिधियों को AI-जनरेटेड या कृत्रिम (सिंथेटिक) सामग्री को साफ-साफ लेबल करना होगा। साथ ही, किसी भी अवैध सामग्री को संज्ञान में आने के बाद 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। 15 मार्च से अब तक 11,000 से ज्यादा उल्लंघनकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई की जा चुकी है। यह कार्रवाई उन राज्यों में हुई है जहाँ मतदान की प्रक्रिया अभी जारी है, जैसे तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल। वहीं, असम, पुडुचेरी और केरल में मतदान पहले ही संपन्न हो चुका है।
सी-विजिल ऐप ने 3 लाख से ज्यादा शिकायतों का निपटारा किया
चुनावों में पारदर्शिता बनाए रखने के मकसद से चुनाव आयोग के सी-विजिल ऐप ने 3 लाख से ज्यादा शिकायतों का निपटारा रिकॉर्ड समय में किया है, जिनमें से ज्यादातर का समाधान 2 घंटे से भी कम समय में हुआ। अब AI-जनरेटेड या एडिटेड प्रचार सामग्री पर साफ तौर पर लेबल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि मतदाता सही और गलत की पहचान कर सकें। इतना ही नहीं, मतदान से पहले की 'शांत अवधि' के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। अधिकारी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, ताकि 4 मई को मतगणना पूरी होने तक आचार संहिता का सख्ती से पालन हो सके।