दिल्ली हाई कोर्ट का बेबाक फैसला: बालिग बेटी चुनेगी अपना हमसफर, दृष्टि-बाधित अंतरधार्मिक जोड़े को मिली सुरक्षा
देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक दृष्टि-बाधित अंतरधार्मिक जोड़े को साथ रहने की मंजूरी दी है। हालांकि, महिला के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। कोर्ट ने साफ कहा कि महिला बालिग है और उसे अपने जीवन और रिश्तों से जुड़े फैसले खुद लेने का पूरा हक है।
अदालत ने पुलिस सुरक्षा और आपातकालीन संपर्कों के निर्देश दिए
उन्हें अपनी नई जिंदगी सुरक्षित तरीके से शुरू करने में मदद करने के लिए, अदालत ने पुलिस सुरक्षा और आपातकालीन संपर्क नंबर उपलब्ध करवाए हैं। यह फैसला उस व्यक्ति की अर्जी पर आया है, जिसने कोर्ट को बताया था कि उसके परिवार वाले उनके अंतरधार्मिक रिश्ते की वजह से उसकी साथी को जबरन अपने साथ ले गए थे। परिवार के दबाव और संबंध तोड़ने की धमकियों के बावजूद, अदालत ने महिला के अपने साथी चुनने के अधिकार का पूरी तरह समर्थन किया।