मानसून की बेरुखी से खेत सूखे: 6 प्रतिशत खरीफ बुवाई घटी, दालों का बुरा हाल
इस साल देर से मानसून आने और पानी की कमी की वजह से हिंदुस्तान में खरीफ की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। 17 जुलाई तक, किसानों ने पिछले साल के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत कम बुवाई की थी। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट दलहन की बुवाई में देखी गई, जो 15 प्रतिशत से भी ज्यादा कम हो गई। तुअर, उड़द और मूंग जैसी जरूरी फसलें भी इसकी चपेट में आई हैं। कई किसानों के लिए यह मौसम की एक मुश्किल शुरुआत है।
फसल बुवाई में गिरावट, जलाशय भी कम
बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज की बुवाई में भी भारी गिरावट देखी गई, जो क्रमश: 18.51 प्रतिशत और 27.58 प्रतिशत घट गई। तिलहन की बुवाई भी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई, जबकि कपास की बुवाई करीब 6 प्रतिशत कम हुई।
हिंदुस्तान के जलाशयों में पानी का स्तर भी सामान्य से कम है। मुंबई की झीलों की बात करें तो उनकी क्षमता पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 54.05 प्रतिशत ही रह गई है। अगर हालात नहीं सुधरे तो खाद्य सुरक्षा और किसानों की कमाई पर बडा असर पड सकता है।