पुरी रथ यात्रा: मंदिर के आदेश के बाद रुका रथ निर्माण कार्य, जानिए क्या है पूरा मामला
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पुरी की मशहूर रथ यात्रा के लिए बनने वाले रथों का काम बुधवार को अचानक रुक गया। महाराणा सेवक बढइयों ने काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि मंदिर की नई शर्तों की वजह से उन्हें बची हुई लकड़ी घर ले जाने से रोका जा रहा है। बढइयों का दावा है कि मंदिर के पुराने दस्तावेजों के अनुसार यह लकड़ी उन्हें मिलना उनका हक है। ये तीन बड़े रथ 'नंदीघोष', 'तालध्वज' और 'दर्पदलन' 16 जुलाई को होने वाले भव्य उत्सव के लिए बेहद खास हैं।
पुरी मंदिर ने बढइयों को भुगतान का वादा किया
यह गतिरोध करीब 4 घंटे तक बना रहा। इसके बाद मंदिर के अधिकारियों ने बढइयों को बची हुई लकड़ी के बजाय नकद भुगतान का वादा किया। इसके बाद करीब 200 कारीगर दोबारा काम पर लौट आए। इन विशाल रथों के निर्माण में लगभग 865 लकड़ी के बड़े लट्ठों का इस्तेमाल हो रहा है। पुरी के इस सबसे प्रतिष्ठित आयोजन के लिए रथों का निर्माण समय पर पूरा करना बेहद जरूरी है।