उत्तराखंड: 21,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलीकॉप्टर से की चार धाम यात्रा, जानिए सुरक्षा का राज
इस साल की चार धाम यात्रा में 21,000 से भी ज्यादा तीर्थयात्रियों ने मुश्किल पहाड़ी रास्तों से जाने के बजाय हेलीकॉप्टर का रास्ता चुना। 22 अप्रैल से उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से अपनी शटल सर्विस के जरिए करीब 18,000 लोगों को पहुंचाया, जबकि 3,974 यात्रियों ने चार्टर्ड उड़ानों का इस्तेमाल किया। असल में यह तीर्थयात्रा अप्रैल में ही शुरू हो गई थी, जब गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे चारों पवित्र धाम भक्तों के लिए दोबारा खोले गए।
UCADA का ICCCC सहस्रधारा उड़ानों की निगरानी कर रहा
हवा में सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, खासकर मुश्किल मौसम में सहस्रधारा हेलीपोर्ट पर UCADA के एकीकृत कमान और नियंत्रण एवं संचार केंद्र (ICCCC) ने एक रियल-टाइम निगरानी सिस्टम का इस्तेमाल किया। उनकी टीम हर शटल उड़ान पर नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों और ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करती है, ताकि किसी भी दिक्कत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष चौहान ने इस बारे में कहा, "हम हर उड़ान को मंजूरी देने से पहले उसकी विजिबिलिटी और सुरक्षा मापदंडों को मॉनिटर करते हैं। इससे साफ पता चलता है कि यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए कितनी कोशिशें की जाती हैं।"