पेपर लीक गैंग की खैर नहीं; अब 10 करोड़ जुर्माना और 10 साल तक की जेल
NEET-UG 2026 के पेपर लीक होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। अब प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने नकल रोकने के लिए एक कड़े विधेयक को मंजूरी दे दी है, ऐसा बताया जा रहा है। यह संशोधन बिल NEET, UPSC और SSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के मकसद से लाया गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद उन ईमानदार छात्रों को इंसाफ दिलाना है जो सिर्फ निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा चाहते हैं।
5 से 10 साल की जेल, 10 करोड़ रुपये जुर्माना
अगर यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो नकल करने वालों के लिए बहुत सख्त सजा का प्रावधान होगा। संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों को 5 से 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस बिल के तहत जांच को 3 महीने के भीतर पूरा करना होगा और इन मामलों की सुनवाई सीधे फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश के जरिए देश को भरोसा दिलाया कि सरकार ईमानदार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके हक में कड़े कदम उठाएगी। माना जा रहा है कि यह बिल 27 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा और आने वाले समय में और भी कई बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं।