टेलीग्राम ने सरकार के अस्थायी प्रतिबंध को दी चुनौती, जानिए क्या कहा
टेलीग्राम ने भारत में अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगे एक अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी है। यह प्रतिबंध NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले 21 जून को लगाया गया था। सरकार ने बताया था कि यह फैसला फर्जी पेपर लीक की अफवाहों और परीक्षा घोटालों को रोकने के लिए लिया गया था। इतना ही नहीं, सरकार ने भारतीय यूजर्स के लिए टेलीग्राम के मैसेज-एडिटिंग फीचर को भी बंद करने पर मजबूर कर दिया था।
टेलीग्राम का कहना है कि प्रतिबंध 15 करोड़ भारतीयों को दे रहा सजा
इस प्रतिबंध पर टेलीग्राम पीछे नहीं हटा। उसने एक्स पर लिखा, 'आप सभी शॉपिंग मॉल्स को भी बंद कर दें, क्योंकि उनमें चोरी हो सकती है।' इस पोस्ट जरिए टेलीग्राम ने अपने प्लेटफॉर्म पर लगे अस्थायी प्रतिबंध पर तंज कसा। टेलीग्राम की इस पोस्ट पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने सवाल किया कि क्या इस तरह के प्रतिबंध वाकई कारगर साबित होते हैं। कंपनी का तर्क है कि यह प्रतिबंध भारत के 15 करोड़ से ज़्यादा आम टेलीग्राम यूजर्स को सजा दे रहा है, जबकि असल में पेपर लीक करने वाले अंदरूनी लोग हैं।