तेलंगाना कोर्ट का SBI को बड़ा झटका, बीमा रद्द होने के बाद भी EMI वसूली पर देना होगा हर्जाना
तेलंगाना की एक अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) लाइफ इंश्योरेंस और SBI को हैदराबाद के एक परिवार को हर्जाना देने का आदेश दिया है। दरअसल, उस परिवार को तब भी घर के लोन की किस्तें भरनी पड़ीं, जब लोन लेने वाले व्यक्ति का निधन हो चुका था। तेलंगाना की उपभोक्ता अदालत ने साफ कहा कि बीमा कंपनी और SBI ने लोन लेने वाले को यह जानकारी कभी नहीं दी कि उसका बीमा रद्द कर दिया गया था। इसी वजह से अदालत ने उन्हें 1 लाख रुपये का मुआवजा, 10,000 रुपये मुकदमे का खर्च और 50,000 रुपये अपील का खर्च चुकाने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने SBI को ब्याज वसूलने के लिए फटकार लगाई
अदालत ने SBI को इस बात के लिए भी फटकारा कि उसने ब्याज वसूलना जारी रखा, जबकि बीमा पॉलिसी पहले ही खत्म हो चुकी थी। मुआवजे के साथ-साथ, परिवार को अपनी संपत्ति के सभी दस्तावेज भी वापस मिल जाएंगे और लोन बंद होने का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यह पूरा मामला बैंकों के लिए एक जरूरी सबक है कि उन्हें ग्राहकों की पॉलिसी में किसी भी बदलाव के बारे में साफ-साफ जानकारी देनी चाहिए, खासकर जब किसी के घर का मामला हो।