
NGO फंड में गड़बड़ी का मामला: सुप्रीम कोर्ट से तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति को राहत
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद को NGO सबरंग की विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में राहत दी।
कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के अग्रिम जमानत के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। गुजरात सरकार ने जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, सुधांशु धुलिया और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने दंपति से जांच में सहयोग को कहा।
फैसला
गुजरात सरकार का आरोप- तीस्ता और उनके पति नहीं कर रहे जांच में सहयोग
गुजरात सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि तीस्ता और उनके पति जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
एसवी राजू ने कोर्ट से कहा कि दंपति को गिरफ्तारी से संरक्षण नहीं दिया जा सकता है। मामले में अभी तक आरोपपत्र दायर नहीं होने के सवाल पर राजू ने कहा कि सहयोग नहीं मिल रहा।
बता दें कि दंपति को गुजरात हाई कोर्ट ने 2019 में अग्रिम जमानत दी थी।
विवाद
क्या है मामला?
मामला 2002 में गुजरात दंगों के दौरान पीड़ितों के लिए जुटाए गए धन के कथित गबन से जुड़ा है। गुजरात पुलिस ने दंपति पर 3 FIR दर्ज की थीं।
आरोप है कि दंपति ने 2008 और 2013 के बीच सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग के माध्यम से कथित तौर पर केंद्र सरकार से मंजूरी के बिना अमेरिका स्थित फोर्ड फाउंडेशन से 1.4 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
दंपति के खिलाफ एक FIR केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी दर्ज की है।