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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए, राज्य को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट ने SIR के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई है

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए, राज्य को फटकारा

लेखन आबिद खान
Feb 20, 2026
05:27 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। आज कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और चुनाव आयोग के साथ सहयोग न करने पर फटकार लगाई। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR के तहत दावों और आपत्तियों पर निर्णय लेने के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का आदेश दिया है। यानी न्यायिक अधिकारी राज्य में इलेक्टोरल रजिस्टर ऑफिसर्स (ERO) का काम करेंगे।

टिप्पणी

कोर्ट ने कहा- सरकार और चुनाव आयोग में भरोसे की कमी

कोर्ट ने कहा, "पश्चिम बंगाल राज्य और चुनाव आयोग के बीच एक दुर्भाग्यपूर्ण ब्लेम गेम और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे थे। इससे पता चलता है कि 2 संवैधानिक संस्थाओं के बीच भरोसे की कमी है। दस्तावेजों की असलियत और मतदाता सूची में नाम शामिल करने या न करने के फैसले में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हमारे पास कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है कि वे मौजूदा न्यायिक अधिकारियों को छोड़ दें।"

फटकार

CJI ने राज्य सरकार को लगाई फटकार

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार उन्हें योग्य अधिकारी नहीं दे रही है। इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, "आप सही दर्जे के अफसर क्यों नहीं दे रहे? क्या कम काबिल अफसर लोगों की किस्मत का फैसला करेंगे?" वहीं, जस्टिस बागची ने कहा कि बाहर से आए अफसरों को बंगाली भाषा की जानकारी नहीं होती, जिससे काम में परेशानी आती है।

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बड़ी टिप्पणियां

कोर्ट के आदेश की अहम टिप्पणियां

असाधारण स्थिति होने के चलते न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाना भी असाधारण है। कलेक्टर और SP को लंबित प्रक्रिया को आसानी से पूरा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों और टीम को मदद और सभी लॉजिस्टिक सपोर्ट देना होगा। समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए DGP और कलेक्टर को प्रतिनियुक्त माना जाएगा। चुनाव आयुक्त, ECI अधिकारी, मुख्य सचिव, DGP और ASG की उपस्थिति में AAG कल मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे।

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सरकार

कोर्ट ने कहा- राज्य सरकार से सहयोग की उम्मीद थी

कोर्ट ने कहा, "ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जहां न्यायिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। यह देखकर हमें निराशा हुई। हमें राज्य सरकार से सहयोग की उम्मीद थी। क्या राज्य सरकार का संचार स्तर यही है? 9 फरवरी के आदेश पर आपने 17 फरवरी को जवाब दिया! आप कह रहे हैं कि राज्य सरकार अधिकारियों की जांच कर रही है। यह देखकर हमें निराशा हुई है। हमें निजी स्पष्टीकरण नहीं चाहिए।"

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