
सुखबीर सिंह बादल पर किसने चलाई गोली, हमलावर के बारे में क्या-क्या पता है?
क्या है खबर?
पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आज स्वर्ण मंदिर में हमला हुई है।
वे मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहरेदारी कर रहे थे, तभी उन पर गोली चलाई गई। हालांकि, भीड़ और सुरक्षाकर्मी ने हमले को नाकाम कर दिया और गोली दीवार पर जा लगी।
पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसका नाम नारायण सिंह चौड़ा है।
आइए घटना की हर जानकारी जानते हैं।
हमला
कब और कैसे हुआ हमला?
दरअसल, बादल को धार्मिक सजा मिली है, जिसे पूरा करने के लिए वे स्वर्ण मंदिर पर पहरेदारी कर रहे हैं।
आज सुबह करीब 9:30 बजे भी बादल मंदिर के द्वार पर पहरा दे रहे थे। उनके अगल-बगल में 3 सुरक्षाकर्मी भी खड़े थे। तभी भूरी जैकेट, मूंगिया पैंट और नीली पगड़ी पहने एक अधेड़ शख्स आया और पिस्टल निकालकर बादल की तरफ गोली चलाई।
हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया जिसके चलते दोनों गोली हवा में चल गई।
हमलावर
कौन है हमलावर?
हमलावर की पहचान 68 साल के नारायण सिंह चौड़ा के रूप में हुई है। नारायण गुरदासपुर जिले के चौड़ा गांव का रहने वाला है।
कथित तौर पर नारायण का खालिस्तानी संगठनों से संबंध है। रिपोर्ट के मुताबिक, नारायण खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और अकाल फेडरेशन से जुड़ा हुआ है।
2004 में हुए बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में भी नारायण अभियुक्त था। पुलिस ने 2013 में नारायण को गिरफ्तार भी किया था।
जानकारी
पाकिस्तान जा चुका है हमलावर
नारायण 1984 में पाकिस्तान गया था। वो हथियार और विस्फोटकों की तस्करी में भी लिप्त रह चुका है। उसके ऊपर अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ में भी मामले दर्ज हैं। नारायण के ठिकाने से पुलिस को कई हथियार और विस्फोटक सामग्री भी मिली थी।
पुलिस
घटना के बारे में पुलिस ने क्या बताया?
पंजाब के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) हरपाल सिंह ने ANI से कहा, "सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। हम सुबह 7 बजे से ही सुरक्षा व्यवस्था देख रहे थे। हमलावर नारायण सिंह चौड़ा हैं, जिन्हें मंगलवार को दरबार साहिब के आसपास घूमते देखा गया था। बुधवार को वह सबसे पहले दरबार साहिब में मत्था टेकने गए थे। उनकी ओर से कोई सीधी गोलीबारी नहीं हुई, क्योंकि हमारे सुरक्षाकर्मी सतर्क थे। हम उसकी गतिविधियों पर पहले से ही नजर रख रहे थे।"
बयान
भगवंत मान बोले- पुलिस की मुस्तैदी से बड़ी वारदात टली
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, 'पंजाब पुलिस ने आज बड़ी वारदात होने से रोकी। पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा है कि पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने मौके पर हमलावर को गिरफ्तार करके बड़ी कामयाबी हासिल की। मैं पुलिस की मुस्तैदी की सराहना करता हूं, बादल जी पर हुए हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने पुलिस को निर्देश जारी किए हैं कि इस घटना की जल्द जांच करके रिपोर्ट सौंपी जाए।'
सजा
स्वर्ण मंदिर में क्यों सेवा कर रहे हैं बादल?
दरअसल, सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने बादल और उनकी सरकार में मंत्री रहे कुछ विधायकों को धार्मिक सजा सुनाई है।
बादल पर अपने कार्यकाल में सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को ईशनिंदा मामले में माफी और निर्दोष सिखों की हत्या में शामिल पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति देने के आरोप हैं।
बादल को पैर में चोट लगी है, इसलिए वे स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहरा देकर अपनी सजा पूरी कर रहे हैं।