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क्या ईरान युद्ध के चलते भारत में आ गई है रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत?
देश में रसोई गैस सिलेंडरों के लिए कतारें लगाना शुरू हो गया है

क्या ईरान युद्ध के चलते भारत में आ गई है रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत?

Mar 10, 2026
11:23 am

क्या है खबर?

ईरान युद्ध के 10वें दिन (9 मार्च) कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। इसके साथ ही भारत में रसोई गैस (LPG) सिलेंडरों की किल्लत भी बढ़ने लगी है। सोमवार को गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर के लिए लोगों की कतारें देखी गईं। कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इससे देशभर में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत होने का भय व्याप्त हो गया है। ऐसे में आइए जानते हैं हकीकत क्या है।

कदम

सरकार ने उठाया बड़ा कदम

गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ के वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने सोमवार को हस्तक्षेप करते हुए घरों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। सरकार ने सिलेंडर बुक करने की न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसके साथ ही सभी घरेलू या SEZ तेल शोधन कंपनियों को LPG के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन का उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया है।

हालात

देशभर में रसोई गैस सिलेंडरों के लिए लगने लगी कतारें

सोमवार को नोएडा के सेक्टर 22 स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बर्डपुर गांव से वायरल हुए एक वीडियो में कम से कम सैकड़ों लोग गैस एजेंसी के बाहर अपने खाली सिलेंडरों पर बैठे हुए दिखाई दिए। इसी तरह सिलेंडर बुक कराने के 7 दिन बाद भी लोगों को आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में गैस की किल्लत का डर है।

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कीमत

गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी हुआ इजाफा

ईरान युद्ध के बढ़ने के साथ गैस सिलेंडरों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। पिछले शनिवार को घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये बढ़ाए गए। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत अब 853 से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। गौरतलब है कि भारत में LPG की कीमतों में आखिरी बार बदलाव पिछले साल अप्रैल में हुआ था।

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संकेत

गैस सिलेंडरों की किल्लत के मिलने लगे संकेत

LPG की अफरा-तफरी में खरीदारी के अलावा सिलेंडर की कमी के अन्य संकेत भी मिले हैं। सोमवार को पुणे नगर निगम ने शहर के गैस चालित श्मशान घाटों को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया। हालांकि, बिजली और लकड़ियों के उपयोग वाले श्मशान घाट संचालित रहेंगे। महाराष्ट्र और कर्नाटक के रेस्तरां मालिकों ने भी युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति बाधित होना बताया है। उन्हें रेस्त्रां और होटल बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

बयान

इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने जारी किया बयान

इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा, "अगर कमी जारी रही तो अगले 2 दिनों में मुंबई के रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे। हमारे सहयोगी संगठन ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भी लिखा है।" बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले पर चर्चा करते हुए समाधान के कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गैस की कमी से कारोबार और आजीविका दोनों प्रभावित होंगे।

दावा

सरकार ने किया गैस की कमी न होने का दावा

केंद्र सरकार का कहना है कि LPG गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह ने एक्स पर लिखा था, 'हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।' हालांकि, गैस एजेंसियों के बाद लोगों की कतारें कुछ और बयां कर रही है।

जानकारी

भारत के पास है 25-30 दिन की आपूर्ति का भंडार

3 मार्च को सरकारी सूत्रों ने द हिंदू से कहा था कि भारत के पास 25-30 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त LPG स्टॉक और रणनीतिक भंडार हैं। रिफाइनरियां अस्थायी आयात व्यवधान की भरपाई के लिए उत्पादन बढ़ा रही हैं।

प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध

सरकार ने 6 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए सभी तेल शोधन कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMC) को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG के उत्पादन और निर्बाध आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। शोधन संयंत्रों को प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग केवल LPG उत्पादन में करने और इन पदार्थों को पेट्रोकेमिकल निर्माण या अन्य उत्पादों में उपयोग न करने के भी आदेश दिए गए हैं। इससे स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

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