महाराष्ट्र में छात्रों का महा-आंदोलन, प्रधान के इस्तीफे की मांग से गरमाई सियासत
महाराष्ट्र में NEET पेपर लीक होने के बाद से छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंबई, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ परभणी और बीड जैसे छोटे कस्बों में भी छात्र सड़क पर उतर आए हैं। कई छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि इस मामले में दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
सोनम वांगचुक और विपक्ष ने छात्रों का समर्थन किया
छात्रों के ये विरोध प्रदर्शन कई तरह से सामने आ रहे हैं। जैसे, ठाणे में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक कर दिखाया कि इस पेपर लीक ने उन्हें किस कदर मानसिक तौर पर परेशान किया है। कुछ छात्रों ने शांति मार्च निकाला तो कुछ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। यह आंदोलन अब देशव्यापी हो चला है और इसे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिल रहा है।
विपक्षी नेता भी छात्रों का साथ दे रहे हैं। एक तरफ जहां जितेंद्र अव्हाड ने छात्रों की ऊर्जा की तुलना आजादी के दीवानों से की और आदित्य ठाकरे ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए, वहीं राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इन विरोध प्रदर्शनों को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक राजनीतिक चाल बताया।