सोनभद्र में वकील की हत्या: ट्रक सिर्फ मोहरा, असली कातिल थी 'बदले की आग'
सोनभद्र में जो हादसा पहले एक मामूली सड़क दुर्घटना लग रहा था, वह दरअसल बदले की एक सोची-समझी साजिश निकली। 28 साल के वकील राजेश यादव को 8 दिसंबर 2025 को एक ट्रक ने कुचल दिया, जिससे उनकी जान चली गई। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि वह ट्रक केवल इसी वारदात को अंजाम देने के लिए खरीदा गया था और उसका कभी किसी और काम में इस्तेमाल नहीं हुआ था। इस अजीब बात ने पुलिस को तुरंत गड़बड़ी का शक पैदा किया।
अभिजीत पाल ने गुनाह कबूल लिया, मंगल पाल की तलाश जारी
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मंगल पाल का राजेश से जमीन को लेकर पुराना विवाद था और दोनों के बीच गहरी दुश्मनी भी थी। मंगल को शक था कि उसके बेटे अनुराग के अपहरण और हत्या के पीछे राजेश का ही हाथ है। इसी गुस्से और सदमे में मंगल ने अपने चचेरे भाई अभिजीत पाल से संपर्क किया और उसे राजेश की हत्या करने की साजिश रचने को कहा। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा खंगालते हुए अभिजीत पाल को खोज निकाला। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब भी मंगल पाल को ढूंढ रही है और इस उलझे हुए मामले की हर परत खोलने में जुटी है। दुश्मनी और बदले की यह कहानी अब और भी पेचीदा होती जा रही है।