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सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने को तैयार, सरकार के सामने रखीं ये शर्तें
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए नई शर्त रखी है (फाइल तस्वीर)

सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने को तैयार, सरकार के सामने रखीं ये शर्तें

लेखन आबिद खान
Jul 22, 2026
05:54 pm

क्या है खबर?

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कुछ शर्तों के साथ अनशन खत्म करने की बात कही है। उन्होंने मांग की कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो। अगर सरकार भरोसा दिलाए तो वे अनशन खत्म कर सकते हैं। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर मिलने और अनशन खत्म करने की अपील के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद भी दिया।वा

बयान

वांगचुक बोले- छात्रों पर कोई कार्रवाई न करें सरकार

वांगचुक ने कहा, "मैं सरकार से यह भरोसा दिलाने का निवेदन करता हूं कि आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई सजा या बदले की कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। अगर ऐसा भरोसा दिया जाता है, तो मैं अपना अनशन खत्म कर दूंगा कि सरकार ने न सिर्फ मेरी अपील सुनी, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों को भी सुना है। ऐसे भरोसे के बिना, मुझे अपना अनशन अनिश्चित काल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"

मांगें

वांगचुक ने ये मांगें भी रखीं

वांगचुक ने कहा कि पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार भी शामिल होना चाहिए।

उन्होंने 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की ज्यादती और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन बेहद शांतिपूर्ण रहा।

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पत्र

वांगचुक बोले- मैं जीना चाहता हूं, काम करना चाहता हूं

वांगचुक ने कहा, "अलग-अलग पार्टियों के लगभग 65 सांसदों ने मुझे लिखा है। सभी ने मुझसे उपवास खत्म करने की अपील की है और मुझे याद दिलाया कि मुझे अभी भी देश की सेवा में बहुत काम करना है। मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने उस काम पर लौटना चाहता हूं, जिसने मेरी जिंदगी को तय किया है। लेकिन मैं ऐसा उन नौजवानों की कीमत पर नहीं कर सकता जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।"

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प्रदर्शन

भूख हड़ताल पर हैं वांगचुक

वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को भूख हड़ताल के 21वें दिन जंतर-मंतर स्थित विरोध स्थल से हटा दिया था और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक ने अस्पताल में भी कुछ खाने-पीने या दवा लेने से इनकार कर दिया था।

बाद में उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था।

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