सोनम वांगचुक ने बताए सफदरजंग अस्पताल के हालात, कहा- उत्तर कोरिया जैसी थी पाबंदियां
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि 18 जुलाई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उन्हें जबरदस्ती भर्ती किया गया। वहां उन्हें कड़ी पाबंदियों और मुश्किल हालातों से जूझना पड़ा। वे 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे थे, जिसमें उनकी मुख्य मांग परीक्षाओं में सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की थी। पुलिस ने उनकी बिगड़ती सेहत और अदालत के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटा दिया था।
वांगचुक ने आधी रात के बाद खत्म की भूख हड़ताल
एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि अस्पताल में उनके अनुभव पर कई तरह की पाबंदियां थीं। उन्हें कमरे तक ही सीमित रखा गया, उनके सारे डिवाइस और यहां तक कि उनके नोट्स भी ले लिए गए। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे उत्तर कोरिया में हों। अदालत की अनुमति से उन्हें मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया, तो उनकी पत्नी ने सवाल उठाया कि जब वे हिरासत में नहीं हैं, फिर उनके कमरे के बाहर पुलिस क्यों खड़ी है। इन सब बातों के बावजूद सरकार ने शिक्षा सुधारों पर बातचीत और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का वादा किया, जिसके बाद वांगचुक ने आधी रात के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।