राम मंदिर के दान जांच: SIT को कर्मचारी के घर से मिले 10 लाख रुपये
अयोध्या के राम मंदिर में दान के प्रबंधन में किसी गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष जांच समिति (SIT) गठित की गई है। इस टीम का नेतृत्व लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। दान के प्रबंधन में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने के बाद टीम ने 8 घंटे तक लगातार पड़ताल की। इस दौरान टीम ने दान के बक्सों से लेकर बैंक में पैसे जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया।
कर्मचारी के घर से SIT को 10 लाख रुपये मिले
SIT ने मंदिर के सभी रिकॉर्ड्स, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति और CCTV निगरानी सिस्टम की गहनता से जांच की। बताया गया है कि रोजाना 40 दान पात्र (बक्से) खोले जाते हैं और एक निजी एजेंसी CCTV कैमरों की निगरानी में दान की गिनती करती है। इस तरह से देखा जाए तो दान की व्यवस्था काफी सुरक्षित मालूम पड़ती है। हालांकि, SIT को एक कर्मचारी के घर से 10 लाख रुपये नकद मिले हैं, जिसकी जांच अभी भी जारी है। शुरुआती पड़ताल से पता चलता है कि मंदिर के दान पात्रों से अनधिकृत रूप से पैसे निकाले जाने की संभावना कम है। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में मंदिर के उद्घाटन के बाद से यहां बड़े पैमाने पर दान आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में (अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक) अब तक 153 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है। वहीं, SIT अगले 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी।