प्रधानमंत्री का 5 देशों का दौरा कितना अहम? किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों के दौरे पर हैं। आज अपने पहले पड़ाव पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों में LPG और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अहम समझौते हुए। UAE में करीब 3 घंटे रुकने के बाद प्रधानमंत्री नीदरलैंड रवाना हो गए। वहां वे प्रधानमंत्री और शाही परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। आइए प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में जानते हैं।
दौरा
कैसा रहेगा दौरा?
प्रधानमंत्री दौरे के पहले दिन सबसे पहले UAE पहुंचे और वहां भारत की उर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम समझौते किए। 15 से 17 मई तक वे नीदरलैंड में रहेंगे। इस दौरान उनकी राजा विलेम-अलेक्जेंडर, रानी मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी। 17-18 मई को वे स्वीडन में प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे। 18-19 मई को वे नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। 19-20 मई को वे इटली जाएंगे।
UAE
UAE-भारत में हुए अहम समझौते
प्रधानमंत्री की संक्षिप्त UAE यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच LPG आपूर्ति को लेकर अहम समझौता हुआ। इसके अलावा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया है। द्विपक्षीय बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और ईरान युद्ध समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
नीदरलैंड
कैसा रहेगा नीदरलैंड का दौरा?
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन, नवाचार और जल सहयोग जैसे विषय शामिल होंगे। प्रधानमंत्री यहां व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुछ कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान भारत और नीदरलैंड्स के बीच रणनीतिक साझेदारी पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। नीदरलैंड्स यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है।
स्वीडन
स्वीडन दौरे में क्या-क्या होगा?
प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन में अपने समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात करेंगे और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान बातचीत का एजेंडा AI, उभरती तकनीक, स्टार्टअप, सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई के इर्द-गिर्द होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि द्विपक्षीय बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों के दायरे की समीक्षा करना और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशना है।
नॉर्वे
43 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जाएगा
प्रधानमंत्री 19 मई को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नॉर्वे रवाना होंगे। डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के नेता भी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान प्रौद्योगिकी, हरित परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्थिरता, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग पर चर्चा होगी। नॉर्वे की यह यात्रा 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा भी होगी। नॉर्वे नॉर्डिक देशों में भारत का अहम साझेदार है।
इटली
इटली में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
प्रधानमंत्री इटली में भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के तहत हुई प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं, जिसमें रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, निवेश, नवाचार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा केंद्रित होने की संभावना है। इटली भारत की कई अहम पहलों का हिस्सा है। इनमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, हिंद महासागर रिम एसोसिएशन और हिंद प्रशांत महासागर पहल शामिल है। हालिया सालों में भारत-इटली के संबंधों में खासा सुधार हुआ है।