प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE पहुंचे, LPG को लेकर हुआ समझौता; 4 घंटे का दौरा कितना अहम?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से 5 देशों के दौरे पर रवाना हो गए हैं। सबसे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री यहां केवल 4 घंटे के आसपास रुकेंगे, लेकिन ईरान युद्ध से उपजे हालात के बीच इस छोटे से दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा और ईरान युद्ध को लेकर चर्चा हुई। आइए जानते हैं दौरा कितना अहम है।
समझौते
दोनों देशों में हुए ये अहम समझौते
दोनों पक्षों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कच्चे तेल के स्थिर भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामरिक पेट्रोलियम भंडार पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए। इसके अलावा LPG की आपूर्ति पर दीर्घकालिक सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ। एक अहम वित्तीय घोषणा में, भारतीय अवसंरचना परियोजनाओं के साथ-साथ RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में निवेश के लिए 5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई।
दौरा
कैसा रहा दौरा?
प्रधानमंत्री मोदी UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और जायद अल नाहयान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता ऊर्जा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। दोनों देशों के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मौजूदगी में LPG आपूर्ति समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
एजेंडा
क्या है एजेंडा?
यात्रा के 3 एजेंडे निर्धारित किए गए हैं- सामरिक पेट्रोलियम भंडार का विस्तार, LPG सुरक्षा और स्थानीय मुद्रा निपटान (LCS) का विस्तार। भारत ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ मेंगलौर भंडार को अधिकतम क्षमता तक भरने के लिए समझौता किया है। दोनों देश 10 साल तक LPG सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की घटती कीमत को देखते हुए रुपये-दिरहम व्यापार तंत्र का विस्तार करना भी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अहमियत
कितना अहम है दौरा?
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से दौरा बेहद अहम है। UAE ने हाल ही में तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC छोड़ने का ऐलान किया है और 2027 तक कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना बनाई है। ऐसे में भारत और UAE के बीच लंबी अवधि का समझौता होने की उम्मीद है। सऊदी अरब और UAE में बढ़ती दरार के नजरिए से भी दौरा अहम है।
बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा- यात्रा व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करेगी
समाचार एजेंसी ANI से पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने कहा, "पश्चिम एशिया के हालात के बीच प्रधानमंत्री का UAE दौरा काफी अहम है। यह भारत की तरफ से समर्थन का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है।" वहीं, विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को भी मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और इस दौरे का मकसद उसे और आगे बढ़ाना है।"