दहक रहा बांदा: खनन-कटाई ने बनाया 'हीट आइलैंड', 20 साल में रेगिस्तान बनने का खतरा!
19 मई को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह इस साल पूरे भारत में सबसे ज्यादा तापमान रहा और 1951 के बाद से बांदा का सबसे गर्म दिन भी था। गर्मी इतनी भयानक है कि दोपहर होने से पहले ही सड़कें और बाजार सुनसान हो जाते हैं। इस भयंकर गर्मी से बचने के लिए किसानों ने भी अपना काम रात में LED लाइटों की रोशनी में करना शुरू कर दिया है।
वनों की कटाई और खनन बांदा के भविष्य के लिए खतरा
बांदा में इस कदर तापमान बढ़ने की एक बड़ी वजह कई सालों से हो रहा पर्यावरणीय नुकसान है, जिसमें वनों की कटाई, खनन और जंगलों का खेती में बदलना शामिल है। साल 2005 से 2021-22 के बीच बांदा का वन क्षेत्र 15 प्रतिशत से ज्यादा घट गया है। केन जैसी नदियों में बड़े पैमाने पर हो रहे रेत खनन से पानी की कमी और ज्यादा बढ़ गई है।
जानकारों का मानना है कि इन सब कारणों की वजह से बांदा एक 'हीट आइलैंड' में तब्दील हो गया है, जो जरूरत से ज्यादा गर्मी सोख रहा है और अपनी कीमती नमी गंवा रहा है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो अगले दो दशकों में बांदा का एक बड़ा हिस्सा बंजर जमीन में बदल सकता है।