क्या मंदिर और ट्रस्ट के पास जमा सोना मुद्रीकरण योजना से जब्त करेगी केंद्र? जानिए सच्चाई
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील के बाद दावा किया जा रहा है कि अब केंद्र सरकार देश में मंदिर, ट्रस्टों या अन्य धार्मिक संस्था के पास रखे सोने के लिए मुद्रीकरण योजना लाने जा रही है। इससे संस्था को उनके सोने के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी किया जा सकेगा। हालांकि, केंद्र ने ऐसे सभी दावों और खबरों को पूरी तरह गलत और फर्जी बताया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि उसकी ऐसी कोई योजना नहीं है।
दावा
क्या चल रहा है दावा?
सोशल मीडिया पर ज्योतिष वैज्ञानिक बताए जाने वाले प्रशांत किनी ने एक्स पर लिखा कि भारत सरकार मंदिरों के स्वर्ण भंडार के बदले मंदिरों को 'गोल्ड बॉन्ड' जारी करेगी। उन्होंने आगे लिखा कि मंदिरों के शिखरों और दरवाजों पर लगी सोने की प्लेटों को भारत के 'रणनीतिक स्वर्ण भंडार' के रूप में माना जाएगा। इस दावे को सोशल मीडिया पर काफी साझा किया गया है। ऐसे ही अन्य दावे भी सामने आने के बाद केंद्र ने बयान जारी किया है।
बयान
वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, "कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया में दावा है कि भारत सरकार मंदिरों के गोल्ड रिजर्व के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी या मंदिरों के गोल्ड होल्डिंग्स के मोनेटाइजेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह पूरी तरह से झूठी, गुमराह करने वाली और बिना किसी आधार के हैं। मंदिर ट्रस्ट या किसी भी धार्मिक संस्था के पास रखे सोने के लिए मोनेटाइजेशन स्कीम शुरू करने की योजना की खबरें भी अफवाह हैं।"
बयान
अफवाह न फैलाने का अनुरोध
मंत्रालय ने आगे स्पष्ट किया कि मंदिर के टावरों, दरवाज़ों या मंदिर की दूसरी बनावटों पर लगी सोने की प्लेटों को भारत का स्ट्रेटेजिक गोल्ड रिजर्व मानने के दावे पूरी तरह झूठे, गुमराह करने वाले और बेबुनियाद हैं। मंत्रालय ने लोगों से अनुरोध किया है कि ऐसी अफवाहों पर यकीन न करें और न ही उन्हें फैलाएं। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बेवजह कन्फ़्यूजन होता है और लोग गुमराह हो सकते हैं।
ट्विटर पोस्ट
सरकार का दावा
फेक न्यूज़! 🚨
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) May 18, 2026
सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है कि भारत सरकार मंदिरों के स्वर्ण भंडार के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करने जा रही है।#PIBFactCheck
❌ यह दावा पूरी तरह #फर्जी है।
✅ भारत सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है।
▶️ भ्रामक दावों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए… https://t.co/BCN3brqlyk