कर्नाटक: बेटी को बिना काम 70,000 रुपये दिलाना पड़ा भारी, स्वास्थ्य विभाग के मुखिया राजकुमार यारगल निलंबित
कर्नाटक में बागलगोट के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया डॉ राजकुमार यारगल को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए अपनी बेटी डॉ अंकिता यारगल को एक सरकारी 'नाम्मा क्लिनिक' में नौकरी दिलवाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उस समय डॉ अंकिता पढ़ाई कर रही थीं और उन्होंने क्लिनिक में कोई काम नहीं किया, फिर भी उन्हें 70,000 रुपये से ज्यादा का वेतन मिलता रहा।
जांच में राजकुमार की गैरहाजिरी का भी खुलासा
यह निलंबन एक जांच के बाद हुआ है। इस जांच में न सिर्फ डॉ अंकिता की गलत भर्ती का खुलासा हुआ, बल्कि डॉ राजकुमार की भी अक्सर ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और काम में देरी करने की बात सामने आई। इन हरकतों ने राज्य के सेवा नियमों का सीधा उल्लंघन किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना काम किए जो वेतन या मानदेय दिया गया है। नियमों के मुताबिक, उसकी वसूली की जाएगी। इसके अलावा, अंकिता की भूमिका की गहराई से जांच के लिए मेडिकल अधिकारियों को भी इस मामले में शामिल किया जा सकता है।