राष्ट्रपति मुर्मू का ऐतिहासिक दावा, कहा- 2047 से पहले हो जाएगा सिकल सेल का सफाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि भारत 2047 के निर्धारित लक्ष्य से पहले ही सिकल सेल बीमारी को पूरी तरह खत्म कर सकता है। मध्य प्रदेश में आयोजित वर्ल्ड सिकल सेल डे के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने बताया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए ज्यादा टीम वर्क और जागरूकता की बहुत जरूरत है। यह खून से जुड़ी एक आनुवंशिक बीमारी (जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर) है, जिसका असर खासकर आदिवासी समुदायों पर ज्यादा होता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्यों को कार्रवाई के लिए प्रेरित किया
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी साफ किया कि सिकल सेल बीमारी का इलाज संभव है। उन्होंने सभी राज्यों से इस दिशा में अपने प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "जब इसका इलाज संभव है तो इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए हर संभव कोशिश होनी चाहिए। यह बीमारी खत्म की जा सकती है।" वर्ल्ड सिकल सेल डे (19 जून) का मुख्य मकसद है लोगों के बीच जागरूकता फैलाना, ज्यादा से ज्यादा जांचें (स्क्रीनिंग) करवाना और मरीजों तक इलाज की सुविधा आसानी से पहुंचाना। ये सभी ऐसे कदम हैं, जिनसे भारत तय समय से पहले इस बीमारी को मिटाने के अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएगा।