भारत की सौर शक्ति का जलवा! 162 GW पार कर दुनिया में तीसरे स्थान पर लहराया परचम।
भारत का सोलर पावर का सफर वाकई बहुत तेज़ रहा है। महज़ एक दशक से कुछ ज़्यादा समय में, हमने 2013-14 के 2.82 GW से बढ़कर जून 2026 तक 162.15 GW की शानदार क्षमता हासिल कर ली है। सरकार ने आज संसद में यह जानकारी दी। इस दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नेशनल सोलर मिशन को इस उपलब्धि का श्रेय दिया। यही वजह है कि भारत सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है।
PLI स्कीम से 73,400 करोड़ रुपये का निवेश, 42GW सोलर मॉड्यूल क्षमता बढ़ी
इस वृद्धि को बड़े सोलर पार्कों (14 राज्यों में 56 मंजूर) और प्रधानमंत्री *सूर्य घर* योजना जैसी रूफटॉप सोलर की नई पहलों से भी बल मिला है। PLI स्कीम के तहत करीब 73,400 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे देश में सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता मध्य-2026 तक बढ़कर 42GW हो गई है। इसके साथ ही, रूफटॉप सोलर पैनल अब 47.26 लाख घरों को रोशन कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ आम लोगों की कोशिशें भी भारत को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी देश बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।