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प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, क्या हुई चर्चा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोलिश समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक की

प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, क्या हुई चर्चा?

लेखन आबिद खान
Oct 22, 2026
02:35 pm

क्या है खबर?

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। आज उन्होंने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लेते हुए कहा कि भारत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लिए तत्पर है।

बयान

प्रधानमंत्री मोदी बोले- हमारी साझेदारी ने 2 सालों में रफ्तार पकड़ी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत-पोलैंड की साझेदारी ने पिछले 2 वर्षों में नई गति पकड़ी है। दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई है। भारत और पोलैंड के संबंध केवल कूटनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानवता और संवेदना की साझा विरासत पर भी आधारित हैं।"

प्रधानमंत्री ने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ कई क्षेत्रों में संयुक्त विकास और उत्पादन करने के लिए आमंत्रित किया।

गुड महाराजा

प्रधानमंत्री ने पोलिश बच्चों को शरण देने वाले 'गुड महाराजा' का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने टस्क के सामने 'गुड महाराजा' का जिक्र किया।

यह नाम जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को दिया गया था, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड के 1,000 बच्चों को शरण दी थी।

महाराजा ने उनके रहने, खाने, पढ़ाई और इलाज का इंतजाम किया गया। इसी वजह से उन्हें पोलैंड में 'गुड महाराजा' कहा जाने लगा।

निधन के बाद पोलैंड ने महाराजा को अपना प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'कमांडर्स क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाजा।

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मुद्दे

दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति

टस्क ने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और भविष्य में सहयोग के लिए प्राथमिकताओं की पहचान करने पर चर्चा की है।

दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और ज्यादा प्रभावी वैश्विक संस्थानों की जरूरत पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्षों को सुलझाने के लिए भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, "चाहे वह यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत शांति की दिशा में किए गए हर सार्थक प्रयास का समर्थन करना जारी रखेगा।"

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टस्क का बयान

टस्क बोले- भारत और पोलैंड के लक्ष्य साझा और महत्वाकांक्षी

प्रधानमंत्री टस्क ने कहा, "पोलैंड-भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की नींव हमारी अर्थव्यवस्था और आर्थिक संबंध हैं। हमारे संबंधों के इतिहास में यह इस तरह का सबसे बड़ा दौरा है। हमारी योजनाएं बहुत महत्वाकांक्षी हैं; न केवल खनन, कोयले के गैसीफिकेशन, शिपयार्ड और जहाज निर्माण जैसे पारंपरिक उद्योगों में, बल्कि अंतरिक्ष उद्योग, डिजिटलीकरण, उपग्रहों और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के क्षेत्रों में भी हमारे साझा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य हैं। हाल के दिनों में हमारे ड्रोन बहुत उपयोगी साबित हुए हैं।"

संबंध

कैसे हैं भारत-पोलैंड के व्यापारिक संबंध?

मध्य और पूर्वी यूरोप में पोलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पोलैंड के लिए भारत का बढ़ता मध्यम वर्ग एक विशाल बाजार और प्रतिभाओं का बड़ा भंडार है।

वहीं, भारत के लिए, पोलैंड उन्नत विनिर्माण क्षमताएं, उच्च तकनीक रक्षा इंजीनियरिंग, कुशल लॉजिस्टिक्स हब और भारतीय IT और औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड का दौरा किया था। वे 4 दशकों में पोलैंड का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री थे।

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